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दिल्ली: मोबाइल गेम की लत के कारण दसवीं की छात्रा ने छोड़ा घर, पुलिस ने पकड़ा
Mon, 22 Jul 2019 06:54 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 22 Jul 2019 06:54 AM IST
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मोबाइल गेम के लिए छात्रा ने छोड़ा घर
- फोटो : social media (File Photo)
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उत्तराखंड में 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर मोबाइल गेम का भूत इस कदर सवार हुआ कि उसने अपना घर ही छोड़ दिया। एक जुलाई को घर से निकली छात्रा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, यूपी समेत देश के कई शहरों में घूमी। गुरुवार को वह दिल्ली के कमला मार्केट इलाके में पहुंची तो पुलिसकर्मियों को उसे देखकर संदेह हुआ।
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पूछताछ करने पर वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगी। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो छात्रा का भेद खुल गया। पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क कर उन्हें दिल्ली बुलाया। औपचारिकताएं पूरी कर छात्रा को परिवार के हवाले कर दिया गया। परिजन बेटी को सही-सलामत वापस पाकर बेहद खुश हैं।
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मध्य जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 16 वर्षीय छात्रा जया (बदला नाम) परिवार के साथ उत्तराखंड के पंतनगर में रहती है। गुरुवार को वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध हालात में टहल रही थी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे देखकर पूछताछ की। शुरू में छात्रा ने कहा कि वह अपने भाई से मिलने दिल्ली आई है। उसका भाई दिल्ली से एमबीबीएस कर रहा है।
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पुलिसकर्मियों को छात्रा के हावभाव पर शक हुआ। उन्होंने उससे परिजनों और स्कूल का नंबर मांगा तो वह आनाकानी करने लगी। महिला सिपाही को बुलाकर छात्रा को समझाया गया। छात्रा से उसके माता-पिता का नंबर लिया तो हकीकत सामने आई।
छात्रा के परिजनों ने पुलिस को बताया कि जया एक जुलाई को अपने घर से करीब 14 हजार रुपये लेकर निकली थी। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन पता नही चला तो मामले की सूचना लोकल पुलिस को दी गई।
परिजनों ने बताया कि जया अपनी मां के मोबाइल पर थ्रीडी मोबाइल ड्राइविंग गेम टैक्सी ड्राइवर-2 खेलती थी। परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह चुपचाप घर से निकल गई। पुलिस ने परिजनों को दिल्ली बुलाकर छात्रा को उनके हवाले कर दिया।
जल्दी-जल्दी बदलनी होती है लोकेशन
जया ने अपनी मां के मोबाइल पर थ्रीडी मोबाइल ड्राइविंग गेम टैक्सी ड्राइवर-2 लोड किया हुआ था। इस गेम में खिलाड़ी को बार-बार अपना गंतव्य बदलना होता है। गेम की शर्त से प्रेरित होकर एक जुलाई को जया ने अपना घर छोड़ दिया। घर से निकलने के बाद वह ऋषिकेश गई। इसके बाद हरिद्वार होते हुए उदयपुर, जयपुर, अहमदाबाद, पुणे के बाद 18 जुलाई को दिल्ली पहुंची।
जया ने बताया कि वह रात के समय सफर करती थी। दिन में वह शहरों में घूमती थी। मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्रा के दिलो-दिमाग पर मोबाइल गेम का इस कदर असर है कि वह दुनिया को ही गेम के नजरिए से देख रही है।