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दादरी: छात्र ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में कोरोना को बताया भगवान-शैतान की लड़ाई
Mon, 29 Jun 2020 10:30 AM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:30 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दादरी के मोहल्ला ठाकुरान में 10वीं के छात्र ने इंस्टाग्राम पर सुसाइड नोट लिखने के बाद फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में कोरोना वायरस का जिक्र कर जान देने और इसमें भगवान और शैतान की लड़ाई जैसी बातें लिखीं हैं।
परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना शव को अलीगढ़ स्थित पैतृक गांव ले गए हैं। छात्र की खुदकुशी का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मोहल्ला ठाकुरान में 17 साल का दीपांशु चौहान परिवार के साथ रहता था। वह आमका रोड स्थित सिद्धि विनायक स्कूल में सीबीएसई 10वीं का छात्र था।
शनिवार शाम दीपांशु ने मां से कहा कि वह उसके लिए बनाना शेक बना दें, वह एक्सरसाइज करने के लिए छत पर बने कमरे में जा रहा है। इसके बाद वह नहीं लौटा। रात लगभग साढ़े आठ बजे दीपांशु के पिता अर्जुन चौहान ड्यूटी से लौटे। वह दिल्ली स्थित निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
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उन्होंने पत्नी से बेटे के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ऊपर के कमरे में गया था, लेकिन अब तक नहीं लौटा है। परिजन छत पर गए तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है। किसी तरह दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसे तो देखा कि दिपांशु का शव फंदे से लटक रहा था।
उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को पैतृक गांव अलीगढ़ के बहादुर कोटा लेकर चले गए।
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परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना शव को अलीगढ़ स्थित पैतृक गांव ले गए हैं। छात्र की खुदकुशी का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मोहल्ला ठाकुरान में 17 साल का दीपांशु चौहान परिवार के साथ रहता था। वह आमका रोड स्थित सिद्धि विनायक स्कूल में सीबीएसई 10वीं का छात्र था।
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शनिवार शाम दीपांशु ने मां से कहा कि वह उसके लिए बनाना शेक बना दें, वह एक्सरसाइज करने के लिए छत पर बने कमरे में जा रहा है। इसके बाद वह नहीं लौटा। रात लगभग साढ़े आठ बजे दीपांशु के पिता अर्जुन चौहान ड्यूटी से लौटे। वह दिल्ली स्थित निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
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उन्होंने पत्नी से बेटे के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ऊपर के कमरे में गया था, लेकिन अब तक नहीं लौटा है। परिजन छत पर गए तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है। किसी तरह दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसे तो देखा कि दिपांशु का शव फंदे से लटक रहा था।
उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को पैतृक गांव अलीगढ़ के बहादुर कोटा लेकर चले गए।
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सोशल मीडिया पर रहता था सक्रिय
अर्जुन सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका बेटा सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहता था। उसने अपने रहन-सहन व कपड़े पहनने आदि का स्टाइल भी बदल लिया था। उसने इस बार परीक्षा दी थी और रिजल्ट जुलाई में आना था।
वह पढ़ाई में ठीक था और उसे कोई परेशानी भी नहीं थी। उसने एक रस्सी से जिस तरह से फांसी का फंदा बनाया था, वह कोई प्रशिक्षित व्यक्ति ही बना सकता है। पूरा परिवार रस्सी के फंदे को देखकर हैरत में था। उसका 15 अगस्त को जन्मदिन था। जन्मदिन को लेकर वह घर में चर्चा भी करता रहता था।
वह पढ़ाई में ठीक था और उसे कोई परेशानी भी नहीं थी। उसने एक रस्सी से जिस तरह से फांसी का फंदा बनाया था, वह कोई प्रशिक्षित व्यक्ति ही बना सकता है। पूरा परिवार रस्सी के फंदे को देखकर हैरत में था। उसका 15 अगस्त को जन्मदिन था। जन्मदिन को लेकर वह घर में चर्चा भी करता रहता था।