चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर सीआरपीएफ की वर्दी में संदिग्ध गिरफ्तार
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चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर सीआरपीएफ की वर्दी में घूम रहे एक संदिग्ध को पकड़ा गया है। खुफिया एजेंसी और स्पेशल सेल की टीम ने उससे करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। आरोपी का कहना है कि उसे सीआरपीएफ में भर्ती होने का शौक था, लेकिन कामयाबी नहीं मिलने पर लोगों पर रौब जमाने के लिए वर्दी पहनकर घूमने लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान नदीम खान (23) के रूप में हुई है। उसके पास से दो आधार कार्ड मिले हैं।
जानकारी के अनुसार, नदीम खान मूलत: शामली उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। फिलहाल चाचा के साथ खजूरी खास इलाके में रहता है। शनिवार रात चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ कर्मियों ने नदीम को संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा। उसने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की वर्दी पहन रखी थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह सीआरपीएफ में प्रशिक्षु सिपाही है। उसकी ट्रेनिंग जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित सीआरपीएफ के प्रशिक्षण केंद्र में चल रही है।
वह अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने शामली आया था। उससे पहचान पत्र मांगा गया तो वह नहीं दिखा पाया। तलाशी लेने पर उसके पास से यूपी के दो अलग-अलग पते का दो आधार कार्ड व दिल्ली का मतदाता पहचान पत्र मिला। सीआईएसएफ अधिकारियों ने श्रीनगर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में भी पूछताछ की। वहां बताया गया कि इस नाम का कोई व्यक्ति प्रशिक्षण नहीं ले रहा है। मामला संदिग्ध होने की वजह से उसे मेट्रो पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद खुफिया एजेंसी और स्पेशल सेल की टीम ने करीब छह घंटे तक उससे पूछताछ की।
2017 में सीआरपीएफ की परीक्षा में नहीं हो सका था पास
जांच में पता चला कि नदीम को सीआरपीएफ में भर्ती होने का शौक था। उसने वर्ष 2017 में सीआरपीएफ की परीक्षा भी दी थी। लेकिन वह उत्तीर्ण नहीं हो पाया। बावजूद उसने परिजनों और दोस्तों को बताया कि वह सीआरपीएफ में भर्ती हो गया है। उसके बाद वह खुद ही वर्दी बनवाकर अपने दोस्तों और परिचितों के बीच रौब झाड़ता था। जांच में पता चला कि नदीम के माता-पिता जीवित हैं। वह नौ माह से अपने चाचा के साथ रह रहा है।
सकते में है आरोपी नदीम का परिवार
दिल्ली में नदीम के पकड़े जाने पर उसके परिजन सकते में हैं। वे इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सीआईएसएफ के अधिकारियों की सूचना मिलने के बाद बाबरी थाना प्रभारी नेमचंद सिंह आरोपी नदीम के घर पहुंचे। परिवारवालों को सीआईएसएफ अधिकारियों की ओर से भेजी गई नदीम की फोटो दिखाई। उन्हें परिजनों ने बताया कि इंटर करने के बाद नदीम करीब तीन साल से अधिकतर समय बाहर ही रहा है। नदीम ने परिवार को बताया है कि वह सीआरपीएफ में भर्ती हो गया है। अभी उसकी ट्रेनिंग चल रही है। नदीम के खिलाफ बाबरी थाने में किसी तरह का कोई मामला दर्ज नहीं है। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी ठीक है। नदीम तीन भाइयों में बीच का है। बड़ा भाई नईम फर्नीचर की दुकान पर काम करता है। जबकि सबसे छोटा भाई नसीम ने इंटर में पढ़ता है। चार बहनों में एक बहन की शादी हो चुकी है। पिता अकील भी मेहनत मजदूरी करते हैं।