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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Childhood pain can leave a lasting impact not just for a lifetime, but across generations

Delhi NCR News: बचपन का दर्द उम्रभर नहीं, पीढ़ियों तक छोड़ सकता है असर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 05:51 PM IST
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-जामिया में बचपन के आघात से उबरने विषय पर हुई कार्यशाला
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। बचपन में झेला गया मानसिक या शारीरिक आघात केवल बच्चे के वर्तमान जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि आगे चलकर उसकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी असर डाल सकता है। इसका प्रभाव अगली पीढ़ी तक पहुंचने की आशंका भी रहती है। यह बातें सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन और सामाजिक कार्य विभाग के प्रोफेसर जुबैर मिनाई ने जामिया में बचपन के आघात से उबरना: क्षमता आधारित दृष्टिकोण और पुनर्वास के तरीके विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में कहीं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में बच्चे के व्यवहार और स्वास्थ्य में बदलाव को समय रहते पहचानना और परिवार, स्कूल, चिकित्सक व मनोवैज्ञानिक के स्तर पर मिलकर काम करना जरूरी है। उपचार केवल समस्या पर ध्यान देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चे और उसकी देखभाल से जुड़े लोगों एवं संस्थाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर होना चाहिए।
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इस कार्यशाला का आयोजन सेंटर फॉर जवाहरलाल नेहरू स्टडीज ने शिक्षक प्रशिक्षण एवं गैर-औपचारिक शिक्षा विभाग, शिक्षा संकाय और इंडियन एसोसिएशन ऑफ हेल्थ, रिसर्च एंड वेलफेयर के सहयोग से किया।
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