कांग्रेस से गठबंधन के लिए बेचैन हैं केजरीवाल, कहा- अब तो मना-मना कर थक गए
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बुधवार को एक बार फिर से दर्द उभरकर सामने आए। बुधवार रात चांदनी चौक इलाके में एक सभा के दौरान सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में भाजपा के हर उम्मीदवार के खिलाफ केवल एक उम्मीदवार होना चाहिए। वोटों का बंटवारा नहीं होना चाहिए।
अगर आज कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन हो जाता है, तो बीजेपी दिल्ली की सभी 7 सीटें हार जाएगी। कांग्रेस को गठबंधन के लिए मनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उन्होंने समझने से इनकार कर दिया। कांग्रेस को मना-मना कर थक गए, मुझे नहीं समझ आता कि उनके मन में क्या है।
कांग्रेस ने यूपी में सपा-बसपा को बांटने का काम किया है। गठबंधन होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस के मन में क्या है? ये वो नहीं जानते। कांग्रेस दूसरी पार्टियों को कमजोर कर रही है। इसलिए दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों पर आप पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी।
'सबसे सस्ती बिजली दिल्ली में मिल रही है'
सबसे सस्ती बिजली दिल्ली में मिल रही है। कच्ची कॉलोनियों में सीवेज सहित सभी बुनियादी सेवाओं पर काम भी शुरु कर दिया है। केजरीवाल ने अपने सीने पर हाथ रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री 56 इंच के सीने का हवाला देते हैं तो आज उनकी सरकार ने दिल्ली वालों का सीना 59 इंच का कर दिया है।
उन्होंने ये भी कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश को बांटने का काम किया है। 70 वर्षों से पाकिस्तान देश को कमजोर करने में लगा है, लेकिन उसे कामयाबी मोदी सरकार में मिली है। विरोधी पार्टियों पर हमला बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने यहां तक कह दिया कि जो भी देशभक्त है उसका सिर्फ एक ही मकसद होना चाहिए, मोदी-शाह को हराना है।
'मोदी को आप (जनता) और झाड़ू ही हरा सकती है'
दिल्ली में आम आदमी पार्टी को वोट देना। अपना वोट बंटने मत देना। एक सर्वे का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के वोट घट रहे हैं। जबकि आप पार्टी के वोट 33 से बढ़कर 43 फीसदी हुए हैं। आजकल आरएसएस और भाजपा कांग्रेस का प्रचार करने में जुटी है। दिल्ली में मोदी को आप (जनता) और झाड़ू ही हरा सकती है।
सभा के दौरान चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा की अनुपस्थिति भी चर्चा का विष बनी। हालांकि लांबा पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि उन्हें पार्टी की ओर से इस सभा के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। वहीं पार्टी के नेताओं का कहना है कि बुधवार को उनकी मां का निधन होने के कारण सभा में विधायक अलका लांबा उपस्थित नहीं हैं।