मोदी के प्रशंसकों के साथ हुआ है धोखा!
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नरेंद्र मोदी की विजय रैली के लिए सोमवार को राजधानीवासी रामलीला मैदान तो पहुंचे, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। ग्राउंड स्थल पर ताला देख समर्थक आसपास के लोगों से पूछते और अपनी राह पकड़ लेते।
अन्ना आंदोलन के बाद दुनिया भर में चर्चा में आए रामलीला मैदान में सोमवार को पहली बार नरेंद्र मोदी आने वाले थे। इससे पहले वह रामलीला मैदान पहुंचे थे, लेकिन बाबा रामदेव के योग शिविर में।
पहली बार मोदी को सुनने यहां शाम छह-सात बजे तक लोग पहुंचते रहे, लेकिन उन्हें जानकारी देने वाला कोई नहीं था।
मोदी के प्रशंसकों ने निकाली भड़ास
तुर्कमान गेट निवासी मोहम्मद आसिफ के मुताबिक, ‘हम विज्ञापन देखकर मोदी को सुनने पहुंचे थे लेकिन आगे धारदार शैली की बजाय सन्नाटा मिला।
उन्होंने कहा कि वह मोदी की विचारधारा सुनना चाहते थे और उनके भारत नवनिर्माण के सपनों से जुड़ने पहुंचे थे लेकिन रैली रद्द होने की जानकारी देने के लिए भाजपा का कोई कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं था।
वहीं दक्षिणी दिल्ली के राकेश गुप्ता ने कहा कि अगर रैली रद्द हो गई थी तो भाजपा को गेट पर जानकारी देनी चाहिए थी, ताकि लोग भ्रमित न होते। सुबह अखबारों में विज्ञापन दिया जाता है और शाम को कार्यक्रम स्थगित। यह गलत बात है।
गुजरात से पहुंची टीम
मोदी का संदेश और विजय गाथा को सुनाने के लिए गुजरात के गांधी नगर से 100 विशेष बसें एनसीआर पहुंची हैं। इनमें से छह दिल्ली में अलग-अलग जगह पर हैं।
टीम के हेड और हैदराबाद से आए आईटी विशेषज्ञ एन संतोष कुमार के मुताबिक, छह सदस्यीय टीम बस के साथ पहुंची है, जिसमें प्रोजेक्टर, थ्री डी हॉलोग्राफी, एलसीडी, दो डिश व अन्य सामान शामिल हैं।
टीम जगह-जगह घूमकर कहीं भी भीड़भाड़ वाले स्थल पर प्रोजेक्टर लगाकर सीधे गांधी नगर स्थित कंट्रोल रूम से जुड़ती है और वहां मोदी के रिकॉर्ड भाषण को सुनाया जाता है।