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Delhi : नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर करोड़ों की ठगी, दिल्ली से चार और बिहार से तीन जालसाज गिरफ्तार

Sat, 21 Oct 2023 03:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 21 Oct 2023 03:27 AM IST
सार

पुलिस ने दिल्ली से चार जबकि बिहार से तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देशभर में 2100 लोगों से करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं और इनके खिलाफ देशभर में 67 मामले दर्ज हैं।

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Cheating of crores of rupees by creating fake websites of famous companies
Cyber Crime - फोटो : iStock

विस्तार

शाहदरा जिला साइबर सेल ने नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर धोखाधड़ी और करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले जालसाजों के गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने दिल्ली से चार जबकि बिहार से तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देशभर में 2100 लोगों से करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं और इनके खिलाफ देशभर में 67 मामले दर्ज हैं।

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आरोपी वेब सॉल्यूशंस के लिए फैमिली हेल्प डॉट इन नाम से एक फर्म चलाते थे। इनके कब्जे से पुलिस ने 11 मोबाइल, जाली नाम और पते पर लिए गए 100 से अधिक सिम, 3 लैपटॉप, 4 चेक बुक और 5 एटीएम बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 7 अक्तूबर को विजय पाहवा ने शाहदरा साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि वह एक ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदना चाहते थे। जिसके लिए ऑनलाइन सर्फिंग कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें http://energy.simpleone.online वेबसाइट दिखा। जिस पर इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध थी। 
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लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। शिकायतकर्ता ने मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। जिसने उन्हें ऑनलाइन स्कूटी बेचने का आश्वासन दिया। उन्हें स्कूटी के विभिन्न मॉडल भेजे गए। पीड़ित ने आरोपियों के दिए बैंक खाते में 1.15 लाख रुपये डाल दिए। उसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के सवालों का जवाब देना बंद कर दिया। बाद में पता चला कि पीड़ित को एक जैसी दिखने वाली वेबसाइट के जरिए ठगा गया है। शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया।
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एसीपी संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबरों की सीडीआर, खाते से किए गए ऑनलाइन लेन-देन के आईपीडीआर, व्हाट्सएप प्रोफाइल के आईपीडीआर लेने के बाद उनका विश्लेषण किया। तकनीकी जांच में पता चला कि जालसाज कराला के जैन नगर से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। जहां पुलिस की टीम ने छापा मारकर चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान किरारी सुलेमान नगर निवासी मोहम्मद राजा, अंकित यादव, सुल्तानपुरी निवासी विकास और मोहम्मद सुहैल अंसारी के रूप में हुई। 

गैंग का सरगना मोहम्मद राजा और विकास है, जो वेब सॉल्यूशंस के लिए फैमिली हेल्प (familyhelp.in) नामक फर्म का संचालन कर रहा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने वेबसाइट बनाने के नाम पर अपनी कंपनी पंजीकृत कराई और वैध कारोबार की आड़ में इन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल सहित पूरे भारत के धोखेबाजों के लिए ओला स्कूटी, पतंजलि, मेडिसिन आदि के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाना शुरू कर दिया। आरोपियों से पूछताछ करने के बाद पुलिस की टीम ने नवादा बिहार के वारसिलीगंज में छापेमारी की। जहां से पुलिस ने 3 आरोपियों बिहारी पासवान, उसके भाई अजीत कुमार पासवान और कन्हैया कुमार महतो नालन्दा, बिहार से गिरफ्तार कर लिया। जिसमें अजीत और बिहारी कॉलिंग एजेंट का काम करते थे, जबकि कन्हैया ठगी की रकम को एटीएम के माध्यम से निकाल कर उसका हिसाब-किताब करता था।

गैंग दो साल से था सक्रिय
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि आरोपियों के पास से जब्त मोबाइल और बैंक खातों से पता चला है कि गैंग पिछले दो साल से ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपी देशभर के 2100 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर धोखा दे चुके हैं। अब तक इनके खातों में 5 करोड़ से अधिक की रकम का पता चला है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान इनके और खातों का पता चला है, जिसकी जांच की जा रही है।


ऐसे करते थे ठगी
जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद राजा, विकास, अंकित और सुहैल जालसाजों के लिए नकली वेबसाइट तैयार करते थे। वह सिंपल एनर्जी, पतंजलि, हेलीकॉप्टर बुकिंग करने वाली कंपनी के वेबसाइट से मिलती जुलती नकली वेबसाइट बनाते थे। इन वेबसाइटों को वह ठगी करने वाले जालसाजों को ऊंचे दामों पर बेच देते थे। इन वेबसाइट पर मोबाइल नंबर दिया जाता था, जिसके लिंक जालसाजों के पास होते थे। आरोपी इन फर्जी वेबसाइट्स के प्रमोशन के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और इंटरनेट सर्च इंजन का इस्तेमाल करते थे। आरोपी अजीत कुमार और बिहारी शिकायतकर्ताओं को फोन करते थे और उन्हें ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए फंसाकर उनसे रकम ट्रांसफर करवाते थे।

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