रोहिणी कोर्ट ब्लास्ट: आरोपी डीआरडीओ वैज्ञानिक भारत भूषण के खिलाफ चार्जशीट दायर, इस इरादे से किया था विस्फोट
पिछले साल दिसंबर महीने की शुरुआत में रोहिणी जिला कोर्ट में बम धमाका हुआ था। पुलिस ने इस मामले में डीआरडीओ के वैज्ञानिक भारत भूषण कटारिया को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि भारत भूषण ने अपने पड़ोसी व अधिवक्ता अमित वशिष्ठ को मारने के इरादे से बम धमाका किया था। इसी मामले में भारत भूषण के खिलाफ पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
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दिल्ली पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में रोहिणी कोर्ट परिसर में आईईडी विस्फोट के मामले में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक भारत भूषण कटारिया के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया है। आरोपपत्र में कहा गया है कि आरोपी ने अपने जघन्य कृत्य से न्यायाधीश, अदालत के कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और अदालत में मौजूद अन्य व्यक्तियों के जीवन को भी खतरे में डाल दिया। पुलिस ने कहा आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए ठोस साक्ष्य है।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा के समक्ष दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल करते हुए आरोप लगाया कि कटारिया ने जानबूझकर एक रिमोट ट्रिगर का उपयोग करके एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईइडी) को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रीतु राज की अदालत में 9 दिसंबर 2021 को रखा और ट्रिगर किया। रोहिणी कोर्ट परिसर में कमरा नंबर 102 में अपने प्रतिद्वंद्वी अमित वशिष्ठ को मारने के इरादे से ऐसा किया।
पुलिस ने दायर किया 1040 पन्नों का आरोपपत्र
पुलिस ने 1040 पन्नों का आरोपपत्र व अन्य दस्तावेजों के जरिए कहा है कि आरोपी ने अपने जघन्य कृत्य से न्यायाधीश, अदालत के कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और अदालत में मौजूद अन्य व्यक्तियों के जीवन को भी खतरे में डाल दिया। पुलिस ने दावा किया कि जांच के दौरान आरोपी के अपराध को संदेह से परे स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत रिकॉर्ड में आए हैं।
पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के खंगाले फुटेज
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान 150 से अधिक कैमरों के सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, घटना के दिन अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले 1000 से अधिक वाहनों का सत्यापन, अधिवक्ताओं, वादियों, पुलिस कर्मियों, पिछले आपराधिक इतिहास वाले व्यक्तियों सहित सैकड़ों लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच दल घटना के पीछे अपराधी की पहचान करने में सफल रहा है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद पूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईपीसी और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी को 17 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था।