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एनसीआर का दायरा नए सिरे से तय करेगी केंद्र सरकार, बैठक में विशेषज्ञ कमेटी के गठन पर बनी सहमति
Sun, 15 Sep 2019 02:56 AM IST
Trainee Trainee
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 15 Sep 2019 02:56 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की नए सिरे से सीमा तय करने के लिए केंद्र सरकार एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन करने जा रही है। कमेटी एनसीआर में मौजूदा संभावनाओं की जांच परखकर इसके विस्तार या कटौती पर अपनी सिफारिश देगी। इसके आधार पर केंद्र सरकार एनसीआर का सीमांकन करेगी। एनसीआर बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों ने प्रदेश कमेटी के गठन पर सहमति जताई।
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड अब शहरी नियोजकों, स्थापत्यकारों, सड़क, परिवहन और यातायात विशेषज्ञों की पहचान कर कमेटी का गठन करेगा। बोर्ड को ही कमेटी की सेवा, शर्तें और समयावधि भी तय करना है। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि कमेटी एनसीआर के मौजूदा क्षेत्रों की आबादी, उनका शहरीकरण, क्षेत्र विशेष में बुनियादी सुविधाओं का विकास, दिल्ली के विकल्प के तौर पर उसकी उपयोगिता आदि की जांच- परख करेगी।
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साथ ही जरूरत के हिसाब से एनसीआर के विस्तार की संभावनाओं की भी पहचान कमेटी करेगी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर सरकार आगे एनसीआर की सीमा नए सिरे से तय करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि एनसीआर को सुसंगत बनाया जाना जरूरी है।
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यह संभव नहीं कि एनसीआर का दायरा बढ़ता जाए, लेकिन बोर्ड के पास नए शहरों के विकास का बजट ही नहीं हो। या फिर क्षेत्र इतना बड़ा हो जाए कि लोग ही वहां जाना पसंद न करें। ऐसे में अब तय किया गया है कि एनसीआर का दायरा इतना बड़ा रखा जाए, जिससे आम लोग खुद ही नए क्षेत्र में शिफ्ट हो जाएं। कमेटी इन सब मसलों पर विचार करेगी। इसकी सिफारिशों के आधार पर आगे का काम होगा।
55,083 वर्ग किमी है एनसीआर का दायरा
एनसीआर का गठन दिल्ली की शहरी आबादी को सीमित रखने के मकसद से किया गया था। माना गया था कि एनसीआर में नौकरी के बेहतर अवसर के साथ स्कूल, परिवहन, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास होने से लोगों का दिल्ली के प्रति आकर्षण कम होगा।
फिलहाल एनसीआर का विस्तार 55,083 वर्ग किमी में है। इसका सबसे ज्यादा विस्तार हरियाणा के 13 जिलों में 25,327 वर्ग किमी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आठ जिलों का क्षेत्र 14,826 वर्ग किमी में इसका विस्तार है। राजस्थान के दो जिलों में 13,447 वर्ग किमी व दिल्ली का 1,483 वर्ग किमी एनसीआर में आता है।
बोर्ड बैठक में काउंटर मैग्नेट क्षेत्र भी बढ़ाया गया
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने काउंटर मैग्नेट क्षेत्र में भी बढ़ोतरी की थी। पंजाब सरकार के प्रस्ताव पर एनसीआर में पटियाला-राजपुरा कॉरिडोर को इसमें शामिल करने की मंजूरी दे दी है। बोर्ड ने पहले से उत्तर प्रदेश के बरेली व कानपुर, हरियाणा के हिसार और अंबाला, राजस्थान के कोटा और जयपुर, पंजाब के पटियाला, मध्य प्रदेश के ग्वालियर व उत्तराखंड के देहरादून की काउंटर मैग्नेट एरिया के तौर पर पहचान की है। इन शहरों का विकास दिल्ली के विकल्प के तौर पर करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे दिल्ली व एनसीआर के तेजी से होने वाले शहरीकरण पर रोक लगेगी।
एनीआर में शामिल जिले:
हरियाणा : फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, महेंद्रगढ़, जींद, करनाल और चरखी दादरी और भिवानी
उत्तर प्रदेश: मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, शामली, हापुड़, मुजफ्फरनगर।
राजस्थान: अलवर और भरतपुर।
दिल्ली: पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र।