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किसानों का राहत पैकेज तैयार, सरकार ने किया सवा लाख करोड़ का प्रावधान
Wed, 23 Jan 2019 04:36 AM IST
यशवीर सिंह
पूनम मेहता, नई दिल्ली
पूनम मेहता, नई दिल्ली
Published by: यशवीर सिंह
Updated Wed, 23 Jan 2019 04:36 AM IST
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किसान
- फोटो : Social Media
केंद्र सरकार ने किसानों को तेलंगाना से बेहतर पैकेज देने की तैयारी कर ली है। सरकार उन्हें साल में प्रति एकड़ 12 हजार रुपये देने जा रही है। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसके लिए सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी घोषणा आम बजट या उससे पहले भी हो सकती है।
सूत्रों ने बताया कि नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय और कृषि विकास मंत्रालय की सिफारिश पर यह योजना तैयार की है। इसमें प्रति एकड़ छह हजार रुपये एक सीजन में दिए जाएंगे। तेलंगाना सरकार किसानों को प्रति एकड़ केवल आठ हजार रुपये सालाना दे रही है। देश में 14 करोड़ किसानों के पास करीब 13 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार साल 2011-12 से 2015-16 के दौरान कृषि संबंधी आय में सालाना केवल 0.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
केंद्र सरकार ने 2016 में किसानों की आय साल 2022 तक दोगुनी करने का एलान किया था। किसान अभी सालाना न्यूनतम सात से दस हजार रुपये ही कमा रहा है। इस योजना के लागू होने से उसकी आय में कम से कम दस फीसदी का इजाफा होने का अनुमान है। जबकि 2022 तक दोगुनी आय के लिए जरूरी है कि हर साल किसानों की आय में 12 फीसदी सालाना की वृद्धि हो।
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केंद्र की योजना की खासियत
केंद्र सरकार ने भूमिहीनों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। जबकि तेलंगाना मॉडल में उन्हें ही पैसे दिए जा रहे हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि है। देश में 90 प्रतिशत छोटे और मझोले किसान हैं, जिनके पास अधिकतम दो हेक्टेयर तक भूमि है। किसानों के पास 45 फीसदी सिंचित और 55 फीसदी गैर सिंचित भूमि है। उनके पास कृषि के अलावा पशुपालन आय का मुख्य जरिया है। ऐसे में सरकार से एकमुश्त सहायता मिलने से किसान उन्नत खेती के लिए प्रेरित होंगे।
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सूत्रों ने बताया कि नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय और कृषि विकास मंत्रालय की सिफारिश पर यह योजना तैयार की है। इसमें प्रति एकड़ छह हजार रुपये एक सीजन में दिए जाएंगे। तेलंगाना सरकार किसानों को प्रति एकड़ केवल आठ हजार रुपये सालाना दे रही है। देश में 14 करोड़ किसानों के पास करीब 13 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार साल 2011-12 से 2015-16 के दौरान कृषि संबंधी आय में सालाना केवल 0.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
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केंद्र सरकार ने 2016 में किसानों की आय साल 2022 तक दोगुनी करने का एलान किया था। किसान अभी सालाना न्यूनतम सात से दस हजार रुपये ही कमा रहा है। इस योजना के लागू होने से उसकी आय में कम से कम दस फीसदी का इजाफा होने का अनुमान है। जबकि 2022 तक दोगुनी आय के लिए जरूरी है कि हर साल किसानों की आय में 12 फीसदी सालाना की वृद्धि हो।
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केंद्र की योजना की खासियत
केंद्र सरकार ने भूमिहीनों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। जबकि तेलंगाना मॉडल में उन्हें ही पैसे दिए जा रहे हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि है। देश में 90 प्रतिशत छोटे और मझोले किसान हैं, जिनके पास अधिकतम दो हेक्टेयर तक भूमि है। किसानों के पास 45 फीसदी सिंचित और 55 फीसदी गैर सिंचित भूमि है। उनके पास कृषि के अलावा पशुपालन आय का मुख्य जरिया है। ऐसे में सरकार से एकमुश्त सहायता मिलने से किसान उन्नत खेती के लिए प्रेरित होंगे।