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CBSE पेपर लीकः भाभी ने दिया लालच तो ऊना के टीचर ने लीक किए पेपर, ऐसे रची साजिश

Fri, 13 Apr 2018 10:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 13 Apr 2018 10:22 AM IST
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cbse class 10 paper leak: dav school teacher leaked it from Una read full story
सीबीएसई पेपर लीक के आरोपी - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने दसवीं कक्षा मैथ्स पेपर लीक होने की गुत्थी को भी सुलझा लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मानें तो मैथ्स का पेपर भी पूर्व गिरफ्तार हुए डीएवी स्कूल, उना के शिक्षक राकेश ने ही लीक करवाया था।

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राकेश के अलावा पुलिस ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया-ऊना के ब्रांच मैनेजर शेरूराम (35), हेड कैशियर ओम प्रकाश (58) व राकेश की रिश्ते की भाभी मंजू बाला (बदला हुआ नाम) को भी गिरफ्तार किया है।
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राकेश ने दोनों बैंक कर्मियों की मौजूदगी में ही बैंक के स्ट्रांग रूम से पेपर निकाला था। राकेश ने बाद में पेपर फिरोजपुर-पंजाब निवासी अपनी रिश्ते की भाभी मंजू को व्हाट्सऐप कर दिया। वहां मैथ्स का पेपर पंचकुला होता दिल्ली के पश्चिम विहार पहुंचा। मामले की छानबीन जारी है।
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अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि शनिवार को एसआईटी ने 12वीं कक्षा इकोनॉमिक्स पेपर लीक होने के मामले से पर्दा उठाते हुए डीएवी स्कूल, ऊना के शिक्षक राकेश व जवाहर नवोदय स्कूल के क्र्लक अमित और चपरासी अशोक को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद तीनों की पांच दिन की पुलिस रिमांड ली। पूछताछ के दौरान पेपर लीक होने के मुख्य आरोपी राकेश ने खुलासा किया 10वीं कक्षा का पेपर भी उसने ही लीक करवाया था।

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cbse paper leak - फोटो : अमर उजाला

23 मार्च को वह जब कंप्यूटर का पेपर लेने यूनियन बैंक गया था। उसी दौरान उसने ब्रांच मैनेजर शेरूराम और हेड कैशियर ओमप्रकाश की मौजूदगी में इकोनॉमिक्स और मैथ्स के पेपर के बंडल भी निकाल लिये थे।

 

12वीं का पेपर तो आरोपी ने अमित व अशोक को सौंप दिया था। लेकिन 10वीं कक्षा के पेपर का बंडल उसने अपने पास रखा। बाद में उसे भी लीक करा दिया गया।
 

चूंकि ब्रांच मैनेजर शेरूराम व मुख्य कैशियर ओमप्रकाश सीबीएसई की गाइड लाइंस के अनुसार पेपर के कस्टोडियन थे, इसलिए दोनों भी अपराध में बराबर के साझेदार थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोनों को ऊना से गिरफ्तार कर लिया। वहीं मंजू को फिरोजपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।


पांच दिन पहले ही हो गया था मैथ्स का पेपर लीक...
पुलिस की पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी राकेश ने बताया कि मैथ्स का पेपर होने से पांच दिन पूर्व 23 मार्च को ही उसने पेपर बैंक के स्ट्रांग रूम से निकाल लिया था। मैथ्स का पेपर निकालने के बाद उसने पेपर को अपनी कार में रख दिया। बड़ी सावधानी से पेपर की सील खोल दी गई। राकेश ने पहले पेपर के मोबाइल से फोटो खींचे। इसके बाद उसने अपने एक छात्र को जिसे वह ट्यूशन पढ़ता था अपने घर बुलाया। छात्र से उसकी हैंडराइटिंग में पेपर की कॉपी करने के लिए कहा गया। छात्र ने पेपर देखने के बाद उसको कॉपी कर दिया। बाद में उसे आगे व्हाट्सऐप पर सर्कुलेट कर दिया गया।

भाभी ने राकेश को प्रिंसिपल बनवाने का दिया था झांसा...

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joint cp alok kumar - फोटो : अमर उजाला

राकेश ने खुलासा किया कि उसकी फिरोजपुर में रहने वाली रिश्ते की भाभी मंजू ने उससे कहा था कि उसकी मैनेमेंट में जुगाड़ है। वह अपनी सिफारिश से उसे प्रिंसिपल बनवा देगी। राकेश मंजू से काफी प्रभावित था। दरअसल राकेश को पीजीटी कॉमर्स टीचर का नौ साल का अनुभव था। 10 साल अनुभव के बाद ही वह प्रिंसिपल बनने के लिए अवेदन कर सकता था।


मंजू ने उसे झांसा दिया कि उसकी पहचान मैनेजमेंट में है और वह उसे आसानी से प्रिंसिपल बनवा देगी। उससे प्रभावित होकर राकेश ने पहले मंजू को 12वीं का पेपर व्हाट्सऐप किया। बाद में 10वीं का पेपर भी उसे व्हाट्सऐप कर दिया।

मंजू के जरिय पंचकुला होता हुआ दिल्ली पहुंचा मैथ्स का पेपर...
23 मार्च को जवाहर नवोदय विद्यालय में पेपर कराने के बाद राकेश ने अपनी कार में ही बैठकर मैथ्स का पेपर बंडल से निकाला। बाद में उसकी मोबाइल से फोटो खींच कर घर आ गया। उसके बाद छात्र से कॉपी करवाने के बाद आरोपी ने मंजू को छात्र की हैंडराइटिंग में पेपर फिरोजपुर भेज दिया।

मंजू ने आगे पेपर अपनी बहन मीना (बदला हुआ नाम) को पंचकुला भेज दिया। मीना ने पेपर अपनी एक जानकार के पास पश्चिम विहार दिल्ली में भेज दिया। वहां से धीरे-धीरे पेपर बटता चला गया। इसके बाद कई व्हाट्सऐप ग्रुप पर पेपर वायरल हो गया।

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