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केजरीवाल के प्रधान सचिव ने अगर न की होती ये गलती तो बचा सकते थे अपना निलंबन

Thu, 07 Jul 2016 08:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Jul 2016 08:50 AM IST
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CBI failed to gauge the pulse of the CM's secretary Rajendra Kumar, could have saved the suspension
राजेंद्र कुमार

सीबीआई ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। अब सरकारी नियम के मुताबिक, सरकार उन्हें निलंबित कर सकती है। इस लिहाज से राजेंद्र कुमार शायद सीबीआई की नब्ज भांपने में नाकाम रहे।

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अगर वे अग्रिम जमानत ले लेते तो शायद निलंबन से बच सकते थे। किसी भी सरकारी अधिकारी को गिरफ्तारी के बाद निलंबित माना जाता है। अगर कोई अधिकारी 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहता है तो विभाग उसे निलंबित कर देगा।
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कानूनी जानकारों के मुताबिक, आपराधिक मामले में एक बार निलंबन होने के बाद राजेंद्र कुमार की दोबारा बहाली तब ही हो सकती है जब सुप्रीम कोर्ट उन्हें बरी कर देती है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आपराधिक मामलों में विभाग अपने अधिकारी की बहाली नहीं कर सकता। पेश मामले में, सीबीआई ने 15 दिसंबर, 2015 को राजेंद्र कुमार के कार्यालय में छापेमारी की थी। 

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अब पक्ष में फैसला न आने तक नहीं हो सकते बहाल

CBI failed to gauge the pulse of the CM's secretary Rajendra Kumar, could have saved the suspension
केजरीवाल
इस दौरान उनके घर पर भी छापेमारी की गई थी। उनके बैंक खातों को भी सील किया गया था। इसके बाद भी राजेंद्र कुमार सीबीआई की नब्ज पकड़ने में नाकाम रहे और कभी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दायर नहीं की। शायद उन्हें लगता था कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। 

राजेंद्र कुमार से सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही थी। सीबीआई के बुलाने पर वे जांच में शामिल होते थे, लेकिन दूसरी ओर दिल्ली सरकार व केंद्र सरकार के बीच तल्खी बढ़ रही थी। 

कानूनी जानकारों के मुताबिक अब उन्हें अनिवार्य रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। अपनी सेवा वापस हासिल करने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। 
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