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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Cases of sudden deaths increased after Covid, but vaccination is not the reason

Delhi NCR News: कोविड के बाद अचानक मौत के मामले बढ़े, पर टीकाकरण वजह नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 06:45 PM IST
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कोविशील्ड वैक्सीन पर उठ रहे सवालों के बीच विशेषज्ञों ने माना- दिल, दिमाग सहित दूसरी बीमारी का बढ़ा खतरा
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एम्स ने कारण जानने के लिए किया था शोध, इसमें सीधी वजह वैक्सीन नहीं मिली
50 : फीसदी मौतें हार्ट अटैक से हुईं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कोविशील्ड वैक्सीन पर उठ रहे सवालों के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद अचानक मौत के मामले बढ़े हैं, पर टीकाकरण इसकी सीधी वजह नहीं है। विशेषज्ञ का कहना है कि देश में वैक्सीनेशन को हुए लंबा समय गुजर गया। अगर टीकाकरण के बाद कोई साइड इफेक्ट्स दिखता तो अब तक देश में बड़े स्तर पर केस सामने आ चुके होते। वहीं, एम्स ने अचानक हुई मौतों की वजह जानने के लिए अध्ययन किया। इसमें 50 फीसदी मौतें हार्ट अटैक से नहीं हुई। सांस समेत दूसरी बीमारियाें से मौतें हुई हैं। बचे 50 फीसदी को सीधे तौर पर हार्ट अटैक आया। एम्स के विशेषज्ञों की राय है कि यदि थक्का पड़ता तो सभी मौतें हार्ट अटैक से होनी चाहिए थी।
इससे पहले सोमवार को ब्रिटेन की अदालत में वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने पहली बार माना था कि उनकी वैक्सीन से दुर्लभ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसमें कहा गया था कि इसके कारण थ्रोम्बोसइटोपेनिया सिंड्रोम हो सकता है जिससे शरीर में खून के थक्के जम सकते हैं। ऐसा होने पर पीड़ित को स्ट्रोक, हृदयगति थमने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
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दो साल पहले भी कहा था, बूस्टर डोज की जरूरत नहीं : डॉ. संजय
एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर संजय के राय का कहना है कि एस्ट्राजेनेका जो बात आज कर रही है, वहीं दो साल पहले मैंने कहा था। उस समय सलाह दी गई थी कि बूस्टर डोज फायदे से ज्यादा नुकसान कर सकती है। शुरुआत में जब अधिक लोग संक्रमित नहीं थे, तब लोगों में हर्ड इम्युनिटी नहीं थी और वैक्सीन की जरूरत थी ताकि बीमारी की गंभीरता और मौत के आंकड़ों को कम किया जा सके। किसी भी वायरस से बचने के लिए नेचुरल इम्युनिटी जरूरी होती है। रही बात वैक्सीन से धक्के जमने के बारे में तो इसके लिए शोध जरूरी है।
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भारत में ऐसा कोई संकेत नहीं : एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डाॅ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन के कारण किसी की मौत हुई हो ऐसा हमें नहीं लगता। इस तरह का कोई संकेत भारत में नहीं दिखा है। कोरोना के बाद अचानक कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के कारण हो रहीं मौतें का कारण जानने के लिए करीब 200 शवों पर शोध किया गया। इस शोध में पाया कि करीब आधे मरीजों की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण नहीं हुई थी। इनकी मौत के पीछे सांस की समस्या सहित दूसरे कारण मिले। जबकि अन्य 50 फीसदी मौत के पीछे कार्डियक अरेस्ट कारण पाया गया था। ऐसे में हम मान सकते हैं कि अचानक हो रहीं मौतें के पीछे वैक्सीन का कोई रोल नहीं होगा। डा. गुप्ता ने कहा कि लंदन में किस आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन के कारण धक्का जम रहा है और इससे दिल का दौरा पड़ सकता है, इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

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दिल्ली में टीकाकरण
कुल टीकाकरण -------------- 3,74,10040
पहली खुराक -------------- 1,82,98085
दूसरी खुराक --------------- 1,57,17675
एहतियात खुराक ------------ 33,94280
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