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होमगार्डों के वेतन निकासी घोटाले में मुकदमा दर्ज, दस पुलिस अधिकारी मिलीभत में शामिल
Wed, 13 Nov 2019 09:29 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 Nov 2019 09:29 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
फर्जी ड्यूटी दिखाकर होमगार्डों के वेतन निकासी मामले में कोतवाली सूरजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीजीपी के आदेश के बाद बुधवार को डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ऑफिस में तैनात जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर हुई है।
यह एफआईआर नोएडा पुलिस की जांच में मई व जून में पाई गई अनियमितता के आधार पर की गई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर दो साल से अधिक वक्त से चल रहे इस फर्जीवाड़ा का खुलासा करेगी।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि नोएडा पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि जनपद में होमगार्डों की तैनाती में अनियमितता बरतकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।
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होमगार्डों की ड्यूटी गलत तरीके से दिखाकर अवैध वेतन निकासी की गई थी। मई व जून में ही नोएडा पुलिस की जांच में आठ लाख रुपये की अवैध निकासी पकड़ी गई थी। इसके बाद इस मामले में उन्होंने शासन को पत्र भेजकर जिम्मेदार अधिकारियों व मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। शासन के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी ने नोएडा आकर जांच की थी। बुधवार को डीजीपी के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया।
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यह एफआईआर नोएडा पुलिस की जांच में मई व जून में पाई गई अनियमितता के आधार पर की गई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर दो साल से अधिक वक्त से चल रहे इस फर्जीवाड़ा का खुलासा करेगी।
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एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि नोएडा पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि जनपद में होमगार्डों की तैनाती में अनियमितता बरतकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।
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होमगार्डों की ड्यूटी गलत तरीके से दिखाकर अवैध वेतन निकासी की गई थी। मई व जून में ही नोएडा पुलिस की जांच में आठ लाख रुपये की अवैध निकासी पकड़ी गई थी। इसके बाद इस मामले में उन्होंने शासन को पत्र भेजकर जिम्मेदार अधिकारियों व मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। शासन के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी ने नोएडा आकर जांच की थी। बुधवार को डीजीपी के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया।
फर्जी ड्यूटी दिखाकर होमगार्डों के वेतन निकालने के मामले में सूरजपुर में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट कार्यालय में तैनात जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। अब तक इसमें आठ से दस पुलिस अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
-वैभव कृष्ण, एसएसपी
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
जनपद में करीब 500 होमगार्ड हैं। इन्हें ड्यूटी करने पर प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये मिलते हैं। इनकी तैनाती थानों के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में होती है। जुलाई में होमगार्ड के प्लाटून कमांडर ने एसएसपी वैभव कृष्ण से शिकायत की थी कि होमगार्डों की तैनाती व वेतन निकासी में अधिकारियों द्वारा घपला किया किया जा रहा है।
इसके बाद एसएसपी ने इसकी जांच एसपी सिटी को दी। एसपी सिटी ने जांच की तो पता चला कि मई व जून महीने में ही करीब आठ लाख रुपये का घोटाला वेतन निकासी में हुआ है। होमगार्डों की ड्यूटी रोजाना लगाई जाती है।
इसके लिए होमगार्ड के अधिकारी फर्जी ड्यूटी दिखाते हैं। अगर किसी थाने या ऑफिस में पांच होमगार्डों की जरूरत है तो 10 या 12 होमगार्ड को ड्यूटी पर दिखाया जाता था। इसके लिए उस थाने व ऑफिस की फर्जी मुहर भी इस्तेमाल की जाती थी। इसके एवज में उन होमगार्डों को भी कुछ पैसे मिलते थे जिनका फर्जी तरीके से ड्यूटी में नाम होता था।
-वैभव कृष्ण, एसएसपी
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
जनपद में करीब 500 होमगार्ड हैं। इन्हें ड्यूटी करने पर प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये मिलते हैं। इनकी तैनाती थानों के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में होती है। जुलाई में होमगार्ड के प्लाटून कमांडर ने एसएसपी वैभव कृष्ण से शिकायत की थी कि होमगार्डों की तैनाती व वेतन निकासी में अधिकारियों द्वारा घपला किया किया जा रहा है।
इसके बाद एसएसपी ने इसकी जांच एसपी सिटी को दी। एसपी सिटी ने जांच की तो पता चला कि मई व जून महीने में ही करीब आठ लाख रुपये का घोटाला वेतन निकासी में हुआ है। होमगार्डों की ड्यूटी रोजाना लगाई जाती है।
इसके लिए होमगार्ड के अधिकारी फर्जी ड्यूटी दिखाते हैं। अगर किसी थाने या ऑफिस में पांच होमगार्डों की जरूरत है तो 10 या 12 होमगार्ड को ड्यूटी पर दिखाया जाता था। इसके लिए उस थाने व ऑफिस की फर्जी मुहर भी इस्तेमाल की जाती थी। इसके एवज में उन होमगार्डों को भी कुछ पैसे मिलते थे जिनका फर्जी तरीके से ड्यूटी में नाम होता था।