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जहर खा वकील ने कोर्ट में कहा, 'अब तो सुन लो'

Tue, 23 Sep 2014 06:51 PM IST
Updated Tue, 23 Sep 2014 06:51 PM IST
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Case of chattisgarh gangraped advocate will be hear on 10 october.

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार की दोपहर बहुत ही नाटकीय रही जब छत्तीसगढ़ की एक महिला वकील ने जस्टिस आरएम लोढ़ा के सामने कोर्ट रूम के अंदर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उसने यह प्रयास पुलिस के उदासीन रवैये के कारण किया।

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महिला का आरोप था कि उसके पति के रिश्तेदारों ने उसके साथ गैंगरेप किया जिसकी रिपोर्ट उसने पुलिस में लिखवाई थी पर पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
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जहर खाने से महिला वकील की हालत बिगड़ गई थी जिसके बाद उसे सुप्रीम कोर्ट डिस्पेंसरी ले जाया गया था, जहां उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया था और अब उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
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मंगलवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, जिसके बाद उसने बिलासपुर के सीजेएम से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।

चीफ जस्ट‌िस को घेर कर बताई आप बीती

Case of chattisgarh gangraped advocate will be hear on 10 october.

अस्पताल के सूत्रों के अनुसार महिला वकील अब खतरे से बाहर है और सोमवार देर शाम पुलिस ने उसका बयान भी दर्ज कर लिया है। यह पूरी घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है जब जस्टिस लोढ़ा और उनके साथी जज ‌कुरियन जोसफ और रोहिंटन एफ. नरिमन अपने दिन का काम खत्म कर लंच के लिए जा रहे थे।

इसी दौरान एक काले ड्रेस में एक महिला वकीलों के लाइन से तेजी से निकलती हुई बाहर आई और तीनों जजों को घेर कर कुछ कहने लगी। चूंकि वो रो रही थी तो उसकी आवाज किसी को सुनाई नहीं दे रही थी इसलिए जजों ने एक और महिला वकील को बुलाया जिससे वो उसकी बात को समझा सके।

दूसरी महिला वकील ने उस महिला वकील से बात करके जजों के बेंच को बताया कि उस ‌महिला का गैंगरेप पति के कुछ रिश्तेदारों ने किया है।

न्यायालय ने ल‌िया स्वतः संज्ञान

Case of chattisgarh gangraped advocate will be hear on 10 october.

महिल वकील का दावा है कि उसने पिछले साल नवंबर में ही पुलिस में एफआईआर लिखवाई थी पर आरोपियों के रसूखदार होने के चलते पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। महिल वकील ने कहा कि वो डरती है कि उसे न्याय नहीं मिलेगा ‌इसलिए वो मर जाना चाहती है।

उसने आगे कहा क‌ि वह ऊपर से नीचे तक अपनी गुहार लगा चुकी है पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद दूसरी महिला वकील और जजों को हैरत में डालते हुए उसने खुलासा किया कि उसने नेप्थीलीन की गोलियां खा ली हैं।

फिर उसने कहा कि मैं अब बस मर जाना चाहती हूं मुझे मेरे जीवन में अब न्याय नहीं मिलेगा। ‌महिला को कोर्ट रूम से सुप्रीम कोर्ट डिस्पेंसरी ले जाने के बाद जस्टिस लोढ़ा ने यह आदेश दिया कि बेंच इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मंगलवार को इसकी सुनवाई करेगा। यह मामला प्रताड़ना और शारिरीक शोषण की सूची में रखा गया है। ज‌िसके बाद आज मंगलवार को सुनवाई करते हुए जजों ने ब‌िलासपुर के सीजेआई से ‌र‌िपोर्ट मांगी है।

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