संसद तो जीत लिया, हार गए विधानसभा!
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दिल्ली के चुनाव परिणाम ने विधानसभा क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी व कांग्रेस को ही नहीं बल्कि भाजपा को भी झटका दिया है। उन्हें अपने 34 विधायकों के क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक वोटों से जीत हासिल करने वाले अनिल झा के किराड़ी क्षेत्र में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। जबकि कांग्रेस सभी आठों विधायकों के क्षेत्र में मुंह की खाई।
‘आप’ की उत्तर पश्चिम संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार राखी बिड़लान अपने विधानसभा क्षेत्र में हार गईं। इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल समेत उनके मंत्रीमंडल के सदस्यों के इलाके में भी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस के विधायकों के लिए खतरे की घंटी
चुनाव परिणाम आने के बाद जो तस्वीर सामने आई है उसके अनुसार कांग्रेस के आठों विधायकों के इलाकों से उनका जनाधार खिसका है। उसके पांच विधायकों के इलाके में ‘आप’ के उम्मीदवार आगे रहे, जबकि तीन विधायकों के क्षेत्र में भाजपा जीती। मुस्लिम बहुल ओखला, सीलमपुर आदि में ‘आप’ उम्मीदवारों ने बढ़त प्राप्त की।
आम आदमी पार्टी को अपने 28 विधायकों में से तीन विधायकों के इलाके में ही जीत मिली। बाकी स्थानों पर भाजपा ने बढ़त ली। उसके लिए राहत की बात यह है कि राखी बिड़लान ने भाजपा विधायक अनिल झा के किराड़ी इलाके में बढ़त प्राप्त की। हालांकि वह अपने मंगोलपुरी इलाके में हार गई।
वहीं, कांग्रेस को विधानसभा चुनाव की तुलना में लोकसभा चुनाव में मत मिलने में भी करारा झटका लगा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 24.5 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि अब 15.1 प्रतिशत ही मत मिले। जबकि ‘आप’ को विस चुनाव में 29.5 व अब 32.9 प्रतिशत वोट और भाजपा को विस चुनाव में 34 व अब 46.4 प्रतिशत वोट मिले हैं।