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बुर्के से दाढ़ी दिखी तो खुला मर्डर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 25 Feb 2015 09:35 AM IST
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दिल्ली में ऑटो चालक दिलशाद की हत्या कर लाश को बुर्का पहनाकर मुरादनगर गंगनहर में फेंकते समय तीन हत्यारोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। इनमें एक महिला भी है।
बुर्के में व्यक्ति की दाढ़ी दिखने पर मर्डर का राज खुल गया। गिरफ्तारी के वक्त आरोपियों ने पुलिस कर्मियों को 10 हजार रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। पुलिस का कहना है कि हत्या अवैध संबंध के शक में की गई है।
दिलशाद(40) दिल्ली के जगतपुरी थाना क्षेत्र की ब्रजपुरी कालोनी में किराए पर ऑटो चलाता था। एसओ सुबोध सक्सेना के मुताबिक सोमवार रात उसकी पत्नी राबिया ने पड़ोस में रहने वाली सहेली हबीबा, उसके पति मोजुद्दीन और नूर मोहम्मद निवासी सूरजपुर महनुआ बागपत के साथ दिलशाद की गला दबाकर हत्या कर दी।
राबिया दिल्ली में रह गई और अन्य तीनों आरोपी कार में लाश को बुर्का पहनाकर गंगनहर मुरादनगर में फेंकने के लिए ले आए। इसी बीच मुरादनगर थाने की ईगल पर तैनात दो सिपाहियों ने शक होने पर कार को रोक लिया।
कार सवार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बुर्का पहने महिला बीमार है, जिसे डॉक्टर के पास ले जा रहे हैं। मगर इसी बीच सिपाहियों की निगाह बुर्के में छिपे चेहरे की दाढ़ी पर पड़ गई।
बुर्का उठाकर देखा तो उसमें व्यक्ति की लाश मिली। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस दौरान हत्यारोपियों ने दोनों पुलिस कर्मियों को दस हजार रुपये का लालच भी दिया, मगर वे नहीं माने।
एसओ ने बताया कि कार में हबीबा, मोजुद्दीन और नूर मोहम्मद था। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने राबिया को भी गिरफ्तार कर लिया है। एसओ ने बताया कि राबिया को शक था कि दिलशाद के किसी महिला से अवैध संबंध हैं।
हालांकि मृतक के भाई अशफाक ने तहरीर देकर संपत्ति के लालच में राबिया पर दिलशाद की हत्या का आरोप लगाया है। उधर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। मामले की जांच मुरादनगर में ही चल रही है।
दिलशाद के बच्चों की परवरिश कौन करेगा
दिलशाद का राबिया से 1998 में निकाह हुआ था। राबिया मूलरूप से बुलंदशहर की रहने वाली है। उसके चार बच्चे उसमा (15), हमजा (12) दो बेटी वरीरा (8) और महनूमा (5) है। पिता की हत्या और हत्याकांड में शामिल मां के जेल जाने के बाद सवाल है कि अब बच्चों की परवरिश कौन करेगा।