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बिल्डर किसानों की जमीन पर नहीं मार सकेंगे ‘कुंडली’

Sun, 06 Jul 2014 12:19 AM IST
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 06 Jul 2014 12:19 AM IST
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Builder can not hit on farmers' land 'kundli'

रजिस्ट्री नियमावली में बदलाव केसाथ-साथ स्टांप एक्ट में बदलाव की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके साथ ही यूपी में पावर ऑफ अटार्नी के नियम भी बदलेंगे।

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नई व्यवस्था लागू होने के बाद पावर ऑफ अटार्नी पर समय सीमा के हिसाब से स्टांप लगाना होगा। इससे उन बिल्डर और बडे़ प्रापर्टी डीलर नुकसान का होगा, जो किसान की जमीन पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं और वर्षों तक रजिस्ट्री नहीं कराते।
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अभी तक पावर ऑफ अटार्नी में मात्र 100 रुपये कीमत का स्टांप लगाया जाता रहा है। हालांकि ब्लड़ रिलेशन की पावर ऑफ अटार्नी ही आसानी से हो पाती हैं। बिना ब्लड रिलेशन वाली पावर अटार्नी के लिए डीएम ने एडीएम फाइनेंस को अधिकृत कर रखा है।
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विशेष परिस्थितियों में एडीएम फाइनेंस की अनुमति के बाद बिना ब्लड़ रिलेशन के पावर ऑफ अटार्नी हो सकती है। इसमें संपत्ति के मालिक की उम्र और पस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है। जानकारों की मानें तो बिना ब्लड़ रिलेशन वाली अटार्नी में ज्यादातर मामले बिल्डर और बड़े प्रापर्टी डीलरों के होते हैं।

इसमें पूरा मामला जमीन की सेल-परचेज से संबंधित होता है। ऐसे में 100 रुपये के स्टांप पर ही अरबों कीमत की जमीन की अटार्नी करा ली जाती थी। एआईजी स्टांप जीपी सिंह के अनुसार, अब एक साल के 10 हजार और दो साल के लिए 20 हजार रुपये का स्टांप लगाना होगा।

दो साल से अधिक के लिए यदि कोई पावर ऑफ अटार्नी कराता है तो उससे जमीन के सर्किल रेट के हिसाब से उतना ही स्टांप लगवाया जाएगा, जितना रजिस्ट्री के दौरान लगता है।

राजनगर से डासना आरओबी तक रोड चौड़ीकरण का रास्ता साफ-राजनगर आरओबी से लेकर डासना आरओबी तक हापुड़ रोड़ के चौड़ीकरण में आड़े आ रहे 369 पेड़ काटे जाएंगे।

शासन के विशेष सचिव डा. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने पेड़ काटने के साथ शर्त लगाई है कि चौड़ीकरण के बाद सड़क के दोनों तरफ जितनी भूमि से पेड़ काटे जाएं, उतनी ही भूमि पर 369 नए पेड़ लगाएं जाएं।

फ्लैट्स की सूची न देने वाले बिल्डरों पर होगी कार्रवाई
अपने प्रोजेक्ट्स में निर्माणाधीन ईडब्लूएस और एलआईजी श्रेणी के फ्लैट्स की सूची न देने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जीडीए अधिकारियों ने बिल्डरों को सूची उपलब्ध कराने का नोटिस जारी कर दिया है।


निर्धारित समयसीमा पर सूची उपलब्ध न कराने वाले बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। करीब एक हजार फ्लैट्स की सूची न मिलने के कारण बिल्डर प्रोजेक्ट में ईडब्लूएस-एलआईजी फ्लैट्स के नंबर ड्रा में देरी हो रही है। 12 जून को बिल्डर प्रोजेक्ट में 2500 ईडब्लूएस और 2500 एलआईजी श्रेणी के सस्ते फ्लैट्स की स्कीम का ड्रा संपन्न हुआ था।

सूची के मुताबिक हाईटेक सिटी, क्रासिंग्स रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन आदि जगहों पर करीब 4000 फ्लैट्स का निर्माण तेजी से जारी है। करीब एक हजार फ्लैट्स का निर्माण धीमी गति से होने की बात सामने आई थी। जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने बताया  बिल्डर से सूची और निर्माण की प्रगति मांगी गई थी।

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