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एनसीआरटीसी का बजटीय आवंटन बढ़ा, दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार
Sat, 02 Feb 2019 07:07 AM IST
Vikas Kumar
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 02 Feb 2019 07:07 AM IST
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
- फोटो : फाइल फोटो
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केंद्र सरकार ने एनसीआर में आवाजाही आसान करने के लिए अंतरिम बजट में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बजट में नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) को एक हजार करोड़ रुपये आंवटित किए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे दिल्ली को मेरठ से जोड़ने वाले पहले रैपिड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को रफ्तार मिलेगी। जल्द ही उत्तर प्रदेश के हिस्से में टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया शुरू होगी।
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दिल्ली-एनसीआर की आवाजाही बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा के बीच रैपिड रेल चलाएगी। इसके लिए तीन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसकी क्रियान्वयन एजेंसी एनसीआरटीसी है। पिछले वित्तीय वर्ष में कॉरपोरेशन का 659 करोड़ रुपये का बजट का प्रस्ताव था। संशोधित अनुमानों में भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए वित्त मंत्री ने एनसीआरटीसी को 1,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया है।
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वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि कॉरपोरेशन को लगातार दूसरी बार केंद्र सरकार से बजटीय आंवटन हुआ है। कॉरपोरशन की पहली प्राथमिकता अभी दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॅारीडोर है। बीते साल फरवरी में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने बजट में इसके लिए 250 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया था। उम्मीद है कि यूपी सरकार इस साल का बजटीय आवंटन बढ़ा देगी। हालांकि, प्रोजेक्ट को मंजूर करने के साथ दिल्ली सरकार अभी बजट देने को तैयार नहीं है।
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अधिकारियों का कहना है कि बावजूद इसके आरआरटीएस के पहले फेज पर काम करने में दिक्कत नहीं है। साहिबाबाद से दुहाई के बीच के हिस्से में यूटीलिटी डायवर्जन, सर्विस शिफ्टिंग, पाइल लोडिंग टेस्ट, जियो टेक्निकल टेस्टिंग आदि का काम भी चल रहा है। जल्द ही प्रोजेक्ट की टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू होगी। आगे इसी फेज का विस्तार मेरठ के परतापुर तक होगा।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुधीर शर्मा बताते हैं कि सबसे पहले दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के पहले फेज पर काम होगा। साहिबाबाद से दुहाई के बीच काम चल भी रहा है। बजटीय आंवटन केंद्र सरकार की दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी बेहतर करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
रैपिड रेल से 90 मिनट में दिल्ली-मेरठ का सफर
प्रोजेक्ट पर एक नजर
कुल लंबाई: करीब 90.05 किलोमीटर
स्टेशन की संख्या 17
गाजियाबाद में स्टेशन की संख्या 07
ट्रेन में अधिकतम कोच 12
ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर/घंटा
हरियाणा को जोड़ने वाले दो प्रोजेक्ट
दिल्ली-सोनीपत-पानीपत: करीब 111 किमी
दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर: करीब 180 किमी