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BSF से बर्खास्त जवान की करामात: 89 PRAN से निकाले 70 लाख रुपये, नाम बदलकर रह रहा था प्रयागराज, ऐसे पहुंचा जेल
Tue, 28 Feb 2023 12:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 28 Feb 2023 12:22 PM IST
सार
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से 6 सिम कार्ड, 1 यूपी पुलिस की वर्दी, 1 कार, 4 मोबाइल फोन, एक वाईफाई राउटर, नकली स्टांप और नकली आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
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बर्खास्त बीएसएफ जवान गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) विंग ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रयागराज से एक बर्खास्त बीएसएफ जवान को गिरफ्तार किया है। आरोपी नाम बदलकर प्रयागराज में रह रहा था।
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बर्खास्त बीएसएफ जवान पर आरोप है कि उनसे 89 परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर से करीब 70 लाख रुपये निकाले हैं। आईएफएसओ के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि, दिल्ली पुलिस को एनपीएस(न्यू पेंशन स्कीम) विभाग से शिकायत मिली। हमने प्राथमिकी दर्ज की और पाया कि एक बर्खास्त बीएसएफ कांस्टेबल ने सिस्टम का शोषण किया।
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डीसीपी गौतम ने बताया कि, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से 6 सिम कार्ड, 1 यूपी पुलिस की वर्दी, 1 कार, 4 मोबाइल फोन, एक वाईफाई राउटर, नकली स्टांप और नकली आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
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A sacked BSF constable Ghanshyam arrested by Intelligence Fusion & Strategic Operations (IFSO) Delhi Police for siphoning off about Rs 70 Lakhs from 89 Permanent Retirement Account Number (PRAN) accounts, allotted to BSF. He was residing in Prayagraj, UP under a false identity. pic.twitter.com/1IFd7HOcg6
— ANI (@ANI) February 28, 2023
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ऐसे हुआ गिरफ्तार
शिकायत मिलने पर पुलिस ने एक टीम बनाई और मामले में डिजिटल सबूत जुटाने शुरू कर दिए। एसआई अजीत सिंह यादव और हेड कांस्टेबल सुनील यादव की टीम ने रीवा मध्य प्रदेश, गाजीपुर, प्रयागराज और नोएडा में छानबीन की।
प्रयागराज के नैनी में आरोपी के होने के पुख्ता सबूत मिलने पर पूरी टीम वहां पहुंची और घनश्याम यादव को गिरफ्तार कर लिया जो श्याम सिंह के नाम से किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने अपने आपको यूपी पुलिस की संचार विभाग में तैनात कांस्टेबल बताया था। उसकी कार पर पुलिस का स्टीकर था और साथ ही यूपी पुलिस की वर्दी और कैप भी उसके पास थी।
जांच में पता चला कि आरोपी व्यापारियों ने मनी एक्सचेंज करने वालों से उनके बैंक अकाउंट में एंट्री दिखाकर उन्हें कमीशन देकर उनसे कैश लेता था। आरोपी ने आधार पोर्टल से अपने आधार पर नाम भी बदलवा रखा था जिसके लिए उसने प्रयागराज के सीएमओ के फर्जी स्टांप का इस्तेमाल किया था।
प्रयागराज के नैनी में आरोपी के होने के पुख्ता सबूत मिलने पर पूरी टीम वहां पहुंची और घनश्याम यादव को गिरफ्तार कर लिया जो श्याम सिंह के नाम से किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने अपने आपको यूपी पुलिस की संचार विभाग में तैनात कांस्टेबल बताया था। उसकी कार पर पुलिस का स्टीकर था और साथ ही यूपी पुलिस की वर्दी और कैप भी उसके पास थी।
जांच में पता चला कि आरोपी व्यापारियों ने मनी एक्सचेंज करने वालों से उनके बैंक अकाउंट में एंट्री दिखाकर उन्हें कमीशन देकर उनसे कैश लेता था। आरोपी ने आधार पोर्टल से अपने आधार पर नाम भी बदलवा रखा था जिसके लिए उसने प्रयागराज के सीएमओ के फर्जी स्टांप का इस्तेमाल किया था।