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'बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजो'

Wed, 14 May 2014 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 14 May 2014 11:36 AM IST
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BSF former additional DGs book raises questions

बांग्लादेशी प्रवासियों पर लिखी किताब ‘बांग्लादेश माइग्रेंट्स ए थ्रेट टू इंडिया’ के माध्यम से कई सवाल उठाए गए हैं।

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नई सरकार से भारतीयों का हक छीन रहे बांग्लादेशी प्रवासियों को उनके देश भेजने की मांग भी की गई।

मंगलवार को बीएसएफ के पूर्व अतिरिक्त डीजी पीके मिश्रा की पुस्तक का विमोचन पूर्व डीजी बीएसएफ प्रकाश सिंह और रिटायर्ड लेफ्टीनेंट जनरल रवि साहनी ने किया।

लेखक ने कहा कि कमजोर राजनीतिक निर्णय शक्ति की वजह से बांग्लादेशियों ने भारत के कई राज्यों पर कब्जा जमा लिया है। कार्यक्रम का आयोजन विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन ने किया था।

भारत के कई राज्यों में दो से छह करोड़ की संख्या तक पहुंचे बांग्लादेशी प्रवासियों के बारे में लेखक ने तथ्यों का जिक्र किया।

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उन्होंने पुस्तक में 1971 के बांग्लादेश ऑपरेशन से लेकर 2014 तक की स्थितियों का आकलन किया है। पीके मिश्रा ने कहा कि भारत के कई राज्यों में फैले बांग्लादेशियों ने कुछ जगहों पर पाकिस्तान जैसा नजारा बना दिया है।
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महेंद्रगंज, मालदा, मुर्शिदाबाद, त्रिपुरा, सुंदरवन, करीमगंज और असम के चार जिलों पर बांग्लादेशियों का कब्जा है। आम भारतीयों को वहां से निर्वासित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आईएसआई द्वारा बांग्लादेश सीमा से लेकर इन इलाकों में गतिविधियों को अंजाम देने की बात का किताब में जिक्र किया है। इस दौरान जनरल जैकब सहित सेना के लोग और अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

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