नहीं सुना और देखा होगा ऐसा विवाह: वर-वधु ने गोमाता के लिए फेरे, दोनों के परिजनों के साथ गो-पालक बने बराती
संवाद न्यूज एजेंसी, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 05 May 2023 11:10 AM IST
सार
निर्मोही अखाड़ा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बुंदेलखंड पीठाधीश्वर सन्त सीताराम दास के अनुसार सनातनी विवाह के लिए गौशाला अधिक पवित्र कोई विवाहस्थल नहीं हो सकता। मेहमानों ने गोवंश को गो-ग्रास व गुड़ खिलाकर वर-वधु के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए कामना की।
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गो माता को साक्षी मानकर वर वधु ने लिए सात फेरे
- फोटो : अमर उजाला