मोहित के पिता ने बयां किया दर्द, कहा-थोड़ी देर बाद होती वारदात तो बेटा जिंदा होता
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आनंद विहार के जागृति एन्क्लेव इलाके में लूटपाट की घटना कुछ देर बाद होती तो मोहित जिंदा होता। मोहित के पिता राजकुमार ने बताया कि वह सुबह आठ से रात आठ बजे तक ड्यूटी करता था। काम खत्म कर घर के लिए निकला ही था कि ‘चोर चोर’ की आवाज सुनकर घटनास्थल पर पहुंच गया।
उसने भाग रहे एक बदमाश को दबोच लिया। बदमाश के साथी ने उसे छुड़ाने के लिए मोहित को गोली मार दी। राजकुमार का कहना है कि वारदात दस मिनट बाद होती तो बेटा सकुशल घर लौट जाता। राजकुमार अब इंसाफ चाहते हैं। जवान बेटे की मौत से आहत पिता ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, पिता राजकुमार, मां, दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ मोहित जगतपुरी में किराए के मकान में रहता था। वह जागृति एन्क्लेव स्थित एक कोठी में आठ साल से ड्राइवर था। कोठी से कुछ ही दूरी पर एक तांबा कारोबारी का कार्यालय है। वहां सुरेंद्र पेमेंट कलेक्शन करता है।
शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे वह कलेक्शन लेकर कार्यालय के पास पहुंचा। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उससे बैग छीन लिया और भागने लगे। सुरेंद्र के शोर मचाने पर काफी लोग उधर भागे। मोहित भी पहुंचा और एक बदमाश को पकड़कर सड़क पर गिरा दिया। यह देखकर बदमाश का सहयोगी आया और उसे गोली मारकर साथी को छुड़ाया। इसके बाद दोनों फरार हो गए।
साथी को फंसा देखकर लौटा बदमाश
वारदात का खौफनाक सीसीटीवी फुटेज मिला है। बीच सड़क पर हुई वारदात के समय वहां सैकड़ों लोग आ-जा रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि बाइक सवार बदमाश ने बीच सड़क पर सुरेंद्र से बैग छीना। सुरेंद्र शोर मचाने लगा। लोग उस ओर भागे।
धक्का-मुक्की में एक बदमाश सड़क पर गिर गया, जिसे मोहित ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने लगा। लोगों की भीड़ सुरेंद्र के पास मौजूद थी, जबकि कुछ ही दूरी पर मोहित ने बदमाश को पकड़ रखा था। बदमाश के पास कोई और नहीं जा रहा था। घटनास्थल से भागा बदमाश लौटा और मोहित के सिर में गोली मार दी। मोहित की पकड़ ढीली होते ही बदमाश उठा, लेकिन वह फिर गिर गया।
साथी बदमाश उसे उठाकर पास खड़ी अपनी बाइक के पास ले गया। उधर, गोली चलते ही आसपास मौजूद लोग भाग खड़े हुए। चालकों ने अपने वाहन रोक दिए। घटनास्थल पर खड़ी एक सफेद कार की लाइट से सब कुछ साफ दिख रहा था।
गोली मारने वाले बदमाश के पास जाने की किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी। बदमाश ने सहयोगी को बाइक पर बिठाया, लेकिन वह फिर सड़क पर गिर गया। ऐसा लग रहा था कि वह बदमाश नशे में था। सहयोगी को बाइक पर बिठाने के बाद बदमाश बेखौफ वहां से चला गया।
पांच से ज्यादा थे बदमाश
पुलिस कर्मचारियों से भी कर रही पूछताछ
बदमाशों को सुरेंद्र के पास रुपये होने की जानकारी थी। पुलिस को आशंका है कि वारदात में कंपनी का कोई कर्मचारी भी शामिल हो सकता है। पुलिस कर्मचारियों से पूछताछ के साथ-साथ उनके फोन कॉल की डिटेल भी हासिल कर रही है। साथ ही, सीसीटीवी में दिख रहे बदमाशों के हुलिये और उनकी बाइक के नंबर से पहचान की जा रही है।
पुलिस को 25 मिनट बाद दी गई सूचना
सैकड़ों लोगों के सामने बदमाशों ने बेखौफ होकर लूटपाट की, लेकिन किसी ने भी पुलिस को फोन करने की जह्मत नहीं उठाई। कुछ लोगों ने हिम्मत कर मोहित को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से घटना के 25 मिनट बाद पुलिस को सूचना दी गई। तब तक मोहित दम तोड़ चुका था। जिस दौरान बदमाश मोहित को गोली मार रहे थे, उस समय कई चालकों ने अपने वाहन रोक रखे थे। बदमाश के भागते ही लोग घायल मोहित के सामने से अपने वाहन लेकर जाने लगे।