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3 साल की उम्र में परिवार से हुआ अलग, 4 साल तक ट्रेन में भटकता रहा फिर एक शख्स की पड़ी नजर और...

Sun, 24 Jun 2018 10:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 24 Jun 2018 10:53 AM IST
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boy lost from delhi at 3 years of age found after 6 years in punjab with man woman help
फाइल फोटो

बॉलीवुड फिल्मों की तरह दिल्ली के लाहौरी गेट से गायब तीन साल का मासूम पूरे छह साल बाद परिवार से मिला। मासूम को अपनों से मिलाने में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अलावा कपूरथला, पंजाब में रहने वाली एक महिला व एक रहमदिल शख्स ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

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अब मासूम और उसका परिवार खुशी से फूला नहीं समा रहा। अधिकारियों ने शख्स व महिला को सम्मान और इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि दूसरे लोगों को भी इनसे सबक लेने की जरूरत है।
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अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि 21 मई 2012 को सलमान (3) (बदला हुआ नाम) लाहौरी गेट इलाके से गायब हो गया। पिता ने अगवा होने की शिकायत दर्ज करा दी। वह  मिर्च मसाले बेचने का काम करता है।
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परिवार लाहौरी गेट की झुग्गियों में रहता है। बस्ती के पास रेलवे लाइन है। लोकल पुलिस ने छानबीन की, लेकिन उसका नहीं चला। केस अपराध शाखा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया।

छानबीन में पुलिस ने आशंका जताई कि मासूम किसी ट्रेन में सवार होकर चला गया है। उस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों में उसकी तलाश की। लेकिन मासूम का कोई पता नहीं चला।

चार साल तक ट्रेनों में भटकता रहा

boy lost from delhi at 3 years of age found after 6 years in punjab with man woman help
सांकेतिक चित्र - फोटो : Wikipedia

इधर, पुलिस आयुक्त ने सुराग देने वालों को 50 हजार देने की घोषणा कर दी। वहीं, दो साल पहले 2016 में मुंगेर, बिहार निवासी संजय को सात साल का मासूम सलमान लखी सराय, बिहार के पास ट्रेन में घूमता मिला। खाना देकर उससे परिवार के बारे में पूछा तो वह रोने लगा।

संजय व उसके परिवार ने रहमदिल दिखाते हुए मासूम को अपनाने का फैसला किया। संजय हुसैनपुर, कपूरथला, पंजाब में नौकरी करता था। वह सलमान को वहां ले गया। फिर मासूम के परिवार की तलाश शुरू की। जानने वालों को मासूम के बारे में जानकारी दी।

पिछले दिनों संजय के पड़ोस में रहने वाली मिंता देवी दिल्ली आईं। सलमान की फोटो उसने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर देखी। महिला पोस्टर की फोटो खींचकर वापस पंजाब लौट गई। संजय को फोटो दिखाकर दिल्ली पुलिस से संपर्क की बात कही।

संजय ने पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस पंजाब रवाना हो गई। सलमान के पिता ने माथे पर चोट के निशान व फोटो देखकर मासूम की पहचान कर ली। मासूम को दिल्ली लाकर सीडब्ल्यूसी में पेश किया गया। फिर औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे परिवार को सौंप दिया गया।

चार साल तक ट्रेनों में भटकता रहा
सलमान जब दिल्ली से गायब हुआ तो वह ठीक से बोल भी नहीं पता था। गलती से ट्रेन में सवार होकर भटकता रहा। लोगों ने उसे मासूम समझकर खाना दिया। घूमते घूमते 2016 में लखी सराय में संजय को मिला। तब तक मासूम सात साल का हो चुका था। दो साल संजय ने मासूम को बेटे की तरह पाला।

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