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इस मां के आंसुओं का क्या दिल्ली पुलिस देगी जवाब?

Wed, 19 Nov 2014 02:57 PM IST
Updated Wed, 19 Nov 2014 02:57 PM IST
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 Boy hanged himself after police torcher.

17 साल का एक युवा जो बेहद गरीब परिवार का है और जिसने दसवीं में 85% अंक पाए हों। वहीं युवा साइकिल चोरी के इल्जाम में पुलिस द्वारा इतना प्रताड़ित किया जाए कि फांसी लगा कर अपनी जान दे दे तो सोचिए उसके घरवालों पर क्या बितेगी।

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यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जौहरी पुर इलाके में अनुपम को पुलिस ने एक साइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया और धमकी दी कि उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी और जेल भेज दिया जाएगा।
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अनुपम के पिता राकेश का कहना है कि मेरे चार बच्चों में अनुपम सबसे बड़ा था और वह पढ़ने में बेहद होशियार था। वह खूब पढ़ाई करता था ताकि बड़ा होकर डॉक्टर बन सके और अपने परिवार को एक अच्छी जिंदगी दे सके। लेकिन इस हंसते खेलते परिवार को जैसे किसी की नजर लग गई।
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चिल्ड्रेन डे के दिन शुरु हुई यह दर्दनाक कहानी

 Boy hanged himself after police torcher.

इस दर्दनाक कहानी की शुरुआत बाल दिवस के दिन यानि 14 नवंबर को हुई। उस दिन मोहल्ले की एक दुकान पर उसे गौरव मिला जिसके पास एक फैंसी साइकिल थी। साइकिल देखकर अनुपम का मन ललचा गया और उसने गौरव से एक बार साइकिल चलाने की इजाजत मांगी।

अनुपम जब दुकान पर वापस आया तो गौरव वहां नहीं था। सो उसने दुकान वाले को इस भरोसे के साथ साइकिल दी कि गौरव के आने पर वह उसे लौटा देगा।

इस बीच दुकानदार ने मोहल्ले के ही एक मिस्‍त्री योगेश को साइकिल बेच दी। कुछ देर बाद ही अनुपम के घर पर पुलिस आ पहुंची क्योंकि उसपर आरोप था कि उसने गौरव की साइकिल चोरी की है।

गौरव ने लाख मना किया कि उसने चोरी नहीं की है लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और उसे थाने उठा ले गई और पांच घंटे थाने में ही रखा।

उसने कहा, 'मैं जा रहा हूं...'

 Boy hanged himself after police torcher.

नाबालिग होने की वजह से उसे गिरफ्तार तो नहीं किया जा सकता था लेकिन पुलिस वाले ने उसे धमकी दी कि अगर उसने दस हजार नहीं दिए तो उसके खिलाफ एफआईआर लिखी जाएगी और उसे जेल जाना पड़ेगा।

घटना से घबराया अनुपम जब घर पहुंचा तो अपनी मां को देख कर रोने लगा। थाने पर उसके साथ जो कुछ हुआ उसे वह भुला नहीं पा रहा था। अगले दिन सुबह अनुपम उठा और रोज की ही तरह तैयार होकर सुबह दुकान गया।

वापस आने पर वह सीधे अपने कमरे में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। दौड़ते हुए उसकी बहन ममता उसके पीछे गई और उसने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से आवाज आई- मैं जा रहा हूं। बहुत खटखटाने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ा गया जहां पंखे से अनुपम की लाश लटक रही थी।

साभार: टीओआई

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