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दहशत में रहे ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री
ब्यूरो/ अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 04 Feb 2015 07:27 PM IST
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आतंकियों द्वारा ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अचानक शुरू हुई गाड़ियों की जांच पड़ताल से सफर करने वाले यात्री भी दहशत में आ गए।
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हालांकि पुलिसकर्मी उन्हें सबकुछ ठीक-ठाक होने का हवाला देते रहे लेकिन यात्रियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही थीं।
पूरे दिन ओल्ड, न्यू टाउन, बल्लभगढ़ और पलवल स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अचानक बड़ी तादाद में स्टेशनों पर खाकी वर्दी की सक्रियता से लोग परेशान रहे।
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पलवल, बल्लभगढ़ और ओल्ड स्टेशनों पर आने-जाने वाले लोगों के सामान की तलाशी ली गई। कईयों से पूछताछ भी हुई लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। यह सिलसिला सुबह 10.20 से शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा।
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अचानक गाड़ियों में चढ़कर सामानों की जांच करने वाले पुलिसकर्मियों को देखकर यात्री जानने की कोशिश करते रहे कि ट्रेन में आखिर हुआ क्या है। कई यात्रियों की टोका टाकी करने पर पुलिसकर्मी उन्हें बम की अफवाह होने की बात कहकर अपने काम में जुटे रहे।
आसान नहीं है शटल गाड़ियों की सुरक्षा
पलवल से दिल्ली और दिल्ली से पलवल के बीच दिनभर 22 शटल/लोकल गाड़ियां चलती हैं। पीक आवर्स में इन गाड़ियों में इतनी भीड़ होती है कि उनमें पैर रखना भी आसान नहीं होता।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन शटल गाड़ियों में चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। खास बात यह है कि देश की राजधानी से सटा और एनसीआर का क्लास वन स्टेशन होने के बाद भी ओल्ड रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं।
जांच पड़ताल तो दूर की बात है। सुरक्षा एजेंसियों से सवाल करने पर एक ही जवाब मिलता है कि सीसीटीवी कैमरे के लिए रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कैमरा कब लगेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
फरीदाबाद रूट का ओल्ड , बल्लभगढ़, असावटी और पलवल स्टेशनों की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो ये सभी स्टेशन सबसे असुरक्षित हैं। क्योंकि ये चारों ओर से खुले पड़े हैं।
किसी भी स्टेशन पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर तक नहीं लगा है। बता दें कि वर्ष 2008 में ओल्ड स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
आतंकी गतिविधियों से रहा है संबंध
-2006: मार्च व अप्रैल में तीन बार अलबदर नाम के आतंकी संगठन ने एसएसपी व जीआरपी को पत्र भेजकर ओल्ड व न्यू टाउन रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी।
-वर्ष 2005 में ही मुजेसर फाटक के समीप पटरी से जिंदा बम बरामद हुए थे। एफएसएल की रिपोर्ट ने इन बमों को ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन के लिए घातक बताया गया था।
-वर्ष 2006 में पाकिस्तानी आतंकी अबू हमजा जगदीश कॉलोनी बल्लभगढ़ में उत्तर चंद बरेजा के मकान में किराए पर रह रहा था। मई 2006 में दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर वहां से तीन किलो आरडीएक्स सहित हथियारों का भारी जखीरा पकड़ा था।
-वर्ष 2005 के जुलाई माह में गुवाहाटी व नोएडा पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर शहर के गांधी नगर से दो महिलाओं व दौलताबाद निवासी एक व्यक्ति को आईएसएस एजेंट होने पर गिरफ्तार किया था।