जहरीली धुंध की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर, बेहद खराब हुई एयर क्वालिटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में ऐसी स्थिति सोमवार शाम से ही बनी हुई है। धुंध की वजह से सोमवार को विजिबिलिटी घटकर 500 मीटर तक पहुंच गई थी और आज तो और भी बदतर हालात हैं।
दिल्ली के कई इलाकों में वायु की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर तक पहुंच गई है। जानकारों का मानना है कि अगले 4-5 दिन तक यह स्थिति बनी रहेगी। सड़क ही नहीं स्मॉग की वजह से रेल यातायात और हवाई यातायात पर भी प्रभाव देखा गया। करीब 12 ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
#Delhi: Air Quality of Lodhi Road area, prominent pollutants PM 2.5 & PM 10 in 'poor' category. pic.twitter.com/a5ExFPvTJl
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 7, 2017
वहीं दूसरी ओर सोमवार शाम से दिल्ली के बढ़े हुए प्रदूषण के बाद आज इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खत लिखकर 19 नवंबर को होने वाली एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन को रद्द करने को कहा है।
Indian Medical Assoc writes to Delhi CM, calls for cancellation of Airtel Delhi Half Marathon on 19 Nov,due to 'high level of air pollution'
— ANI (@ANI) November 7, 2017
#Delhi: Visuals of smog from India Gate and Rajpath pic.twitter.com/vsnPbWdlHr
— ANI (@ANI) November 7, 2017
गाजियाबाद और नोएडा की हवा गुणवत्ता गंभीर स्थिति में दर्ज
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सोमवार को फिर बिगड़ गई है। प्रदूषण बढ़ने की वजह पंजाब और हरियाणा (उत्तर-पश्चिम) की ओर से आने वाली हवाएं बताई जा रही हैं। दोनों राज्यों में बीते कई दिनों से पराली जलाई जा रही हैं। नासा की सेटेलाइट इमेज भी इस बात की पुष्टि कर रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू), आईटीओ, आनंद विहार और यूपी में गाजियाबाद व नोएडा में हवा की गुणवत्ता गंभीर स्थिति में रिकॉर्ड की गई। इस प्रदूषण में प्रभावी प्रदूषक पीएम 2.5 व पीएम 10 है।
पीएम 2.5 हवा में मौजूद बेहद बारीक कण हैं, जिन्हें आंखों से नहीं देखा जा सकता। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक 1 से 100 के बीच संतोषजनक और 101 से 200 के बीच मध्यम व 201 से 300 के बीच खराब और 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर यानी आपात स्थिति को दर्शाता है।
सोमवार को बीते 24 घंटों पर आधारित जारी सीपीसीबी के वायु गुणवत्ता सूचकांक में दिल्ली की वायु गुणवत्ता जहां तय मानक से 6 गुना अधिक 354 और गुरुग्राम (331) यानी बहुत खराब रिकॉर्ड किया गया। वहीं गाजियाबाद (441) और नोएडा (407) की हवा गुणवत्ता गंभीर स्थिति में दर्ज की गई।
तीन दिनों तक सुधार की गुंजाइश नहीं, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें
रीयल टाइम आंकड़ों में शाम छह बजे डीटीयू पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 421 दर्ज किया गया, जिसमें पीएम 2.5 का स्तर 335 से 500 के बीच झूलता रहा।
पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह पूसा रोड पर वायु गुणवत्ता 263 रिकॉर्ड की गई, जबकि शाम छह बजे आईटीओ पर एक्यूआई 400 और आनंद विहार पर 476 रिकॉर्ड की गई है।
सीपीसीबी के वैज्ञानिक व वायु प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ डीपी साहा ने कहा कि पिछले हफ्ते हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया था। हालांकि अब हवा उत्तर-पश्चिम से हवा आ रही है। इसका असर देखा जा रहा है। इसके अलावा सुबह और शाम धुंध भी बढ़ गई है, जिससे प्रदूषक तत्व गुबार में फंसकर बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) की भविष्यवाणी के मुताबिक अगले तीन दिनों तक दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। सफर की हेल्थ एडवाइजरी के मुताबिक सुबह और शाम सामान्य लोग भी धुंध के समय व्यायाम करने न निकलें।