मीडिया के सामने भाजपा नेताओं ने निकाली भड़ास, भौचक्के रह गए सीएम के राजनैतिक सचिव
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भाजपा के कार्यकर्ता केंद्र व प्रदेश दोनों जगह अपनी सरकारें होने के बावजूद असंतुष्ट हैं। सोमवार को हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में भी वरिष्ठ नेताओं ने जमकर अपनी भड़ास निकाली।
मीडिया के सामने भी अपना दर्द उजागर किया। जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहां सत्ता का विकेंद्रीकरण हो चुका है तथा कार्यकर्ता की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सोमवार को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में उस समय अजीब स्थिति बन गई थी जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिर्राज डागर व पूर्व महामंत्री संजय भारद्वाज ने खड़े होकर अधिकारियों पर मनमानी व भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया।
संजय भारद्वाज का आरोप था कि गांव देहलाका से सहराला व जैंदापुर से पारौली की सड़कें समय सीमा पूरी होने के बाद भी नहीं बनी हैं। उनका काम बीच में ही रोक दिया गया है।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर सड़क में घटिया निर्माण सामग्री व नालियां बनाने में निम्न श्रेणी का सामान लगवाने का आरोप लगाया।
भौचक्के रह गए मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव
भाजपा के इन दोनों नेताओं की ओर से ग्रीवेंस कमेटी में इस मुद्दे को उठाते ही मंच पर बैठे मंत्री, सरकार को समर्थन कर रहे पृथला के बसपा विधायक टेकचंद शर्मा तथा मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला भौचक्के रह गए।
इन नेताओं को बैठने का इशारा किया। बाद में स्थिति को संभालते हुए मंत्री करण देव कंबोज ने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक कुमार को बुलाकर आदेश दिए कि निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए तथा निर्माण सामग्री की जांच कराई जाए।
भाजपा के एक जिलास्तरीय वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि जिले में सत्ता का विकेंद्रीकरण हो चुका है। सरकार में रसूखदार पद पर काबिज नेता के चारों तरफ ऐसे लोगों का दायरा है जो कि कार्यकर्ताओं को पूछते ही नहीं हैं।
इतना ही नहीं सरकार की तरह उन्हें विभाग मिले हुए हैं। यदि कार्यकर्ता को किसी भी विभाग का कोई काम हो तो पहले उनकी शरण में जाना पड़ता है।