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दिल्लीः विशेष सत्र में स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचे कपिल मिश्रा, बाउंसरों ने किया बाहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Nov 2018 02:07 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : ani
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ हुई मारपीट व अन्य विषयों को लेकर आज दिल्ली सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जिसके शुरू होते ही सदन में हंगामा मच गया। जहां सत्र की शुरुआत से पहले ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने सदन के बाहर इसका विरोध किया तो सत्र की शुरुआत भी हंगामेदार रही।
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सत्र शुरू होते ही कपिल मिश्रा बोलने के लिए खड़े हुए और फिर बाद में विधानसभा स्पीकर की कुर्सी के पास जा पहुंचे। हंगामा होता देख बाउंसरों ने कपिल मिश्रा को विधानसभा के बाहर करवा दिया।
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वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन के दौरान कहना था कि दिल्ली सरकार हर बात पर विशेष सत्र बुलाती रहती है। जो मामला कोर्ट में विचाराधीन हो उस पर विशेष सत्र बुलाकर जनता के पैसों और समय की बर्बादी करना उचित नहीं है।
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भाजपा ने कहा,' दिल्ली में प्रदूषण पर कोई विशेष सत्र नहीं, पानी से हुई मौतों पर विशेष सत्र नहीं, बदहाल स्वास्थ व्यवस्था पर विशेष सत्र नहीं, दिल्लीवासियों की किसी समस्या पर कोई विशेष सत्र नहीं, लेकिन मिर्ची पाउडर पर चर्चा करने के लिए जनता के पैसे बर्बाद कर विशेष सत्र बुला रही है आम आदमी पार्टी सरकार।'
यह कारण बताते हुए भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली विधानसभा के बाहर केजरीवाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि आज बुलाए गए सत्र में सत्ताधारी पक्ष ने केंद्र सरकार और दिल्ली भाजपा को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति तैयार की है तो भाजपा ने सदन के बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मिर्ची पाउडर फेंकने और भाजपा पर चुनाव आयोग से मिलकर मतदाता सूची से नाम कटवाने के आरोप जैसे मुद्दे छाए रहेंगे। सत्ता पक्ष विजय देव को मुख्य सचिव बनाए जाने पर भी केंद्र सरकार को निशाने पर लेगा।
उधर, कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर मिर्ची हमले को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी ने कहा कि सरकार के पास दिल्ली की समस्याओं के लिए वक्त नहीं है। ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा नहीं कराकर सरकार दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही है।
प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन ने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को लिखे पत्र में कहा है कि यह दिल्ली में जानलेवा प्रदूषण, गैरकानूनी सीलिंग, डेंगू और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने का वक्त है, न कि मिर्ची कांड पर। अजय माकन ने व्यक्तिगत मुद्दों को लेकर सत्र की अनुमति नहीं देने की मांग उठाई।
उनका कहना है कि मैं खुद विधानसभा अध्यक्ष रहा हूं और हमेशा सदन की गरिमा बनाए रखी। कभी भी किसी व्यक्ति विशेष के लिए सत्र नहीं बुलाया। कांग्रेस के 15 वर्ष के कार्यकाल में केवल 3 बार विशेष सत्र बुलाया गया, जबकि आप सरकार साढ़े तीन वर्ष से अधिक के कार्यकाल में 15 विशेष सत्र बुला चुकी है। इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंचती है और जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा भी बर्बाद होता है।
उधर, कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर मिर्ची हमले को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी ने कहा कि सरकार के पास दिल्ली की समस्याओं के लिए वक्त नहीं है। ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा नहीं कराकर सरकार दिल्ली की जनता के साथ धोखा कर रही है।
प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन ने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को लिखे पत्र में कहा है कि यह दिल्ली में जानलेवा प्रदूषण, गैरकानूनी सीलिंग, डेंगू और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने का वक्त है, न कि मिर्ची कांड पर। अजय माकन ने व्यक्तिगत मुद्दों को लेकर सत्र की अनुमति नहीं देने की मांग उठाई।
उनका कहना है कि मैं खुद विधानसभा अध्यक्ष रहा हूं और हमेशा सदन की गरिमा बनाए रखी। कभी भी किसी व्यक्ति विशेष के लिए सत्र नहीं बुलाया। कांग्रेस के 15 वर्ष के कार्यकाल में केवल 3 बार विशेष सत्र बुलाया गया, जबकि आप सरकार साढ़े तीन वर्ष से अधिक के कार्यकाल में 15 विशेष सत्र बुला चुकी है। इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंचती है और जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा भी बर्बाद होता है।