{"_id":"5c4ba575bdec22738442a5e9","slug":"bjp-happy-about-coalition-fail-between-aam-aadmi-party-and-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस-आप के गठबंधन की संभावना खत्म होने से गदगद बीजेपी, पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी से चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस-आप के गठबंधन की संभावना खत्म होने से गदगद बीजेपी, पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी से चिंता
Sat, 26 Jan 2019 05:40 AM IST
Vikas Kumar
विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 26 Jan 2019 05:40 AM IST
विज्ञापन
kejriwal and sheila dixit
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस-आप के बीच संभावित चुनावी गठबंधन की उम्मीदें टूटने के बाद प्रदेश भाजपा गदगद है, लेकिन आपसी गुटबाजी उसकी पानी फेर रही है। नेतृत्व रैलियों व अन्य कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं के दूरी बनाने से परेशान है। उन्हें सक्रिय करने की रणनीति पर विचार हो रहा है।
विज्ञापन
कांग्रेस-आप के संभावित गठबंधन पर भले भाजपा नेता बयानबाजी कर इससे कोई फर्क न पड़ने का दावा करें, लेकिन अंदरखाने वे मान रहे थे कि ऐसा होता तो दिल्ली में भाजपा की राह आसान नहीं होती। अब जब गठबंधन के सभी रास्ते फिलहाल बंद हो गए हैं, तो भाजपा को लोकसभा में दिल्ली में अपनी राह आसान नजर आने लगी है। अब भाजपा को एकमात्र चिंता अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नेताओं की गुटबाजी है। ऊपरी तौर पर भाजपा के नेता खुद तो रैलियों व कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, लेकिन वे इनमें अपने समर्थकों को जुटाने के प्रयास से दूर ही रहते हैं। ऐसे में रैली या कार्यक्रम में भीड़ जुटाने का काम आयोजक का ही बन जाता है।
विज्ञापन
रामलीला मैदान में महिलाओं की आक्रोश रैली हो या फिर रविवार को आयोजित प्रदेश युवा मोर्चा की महारैली। सभी में भीड़ न जुटने ने प्रदेश भाजपा को चिंता में डाल दिया है। इसी प्रकार सीलिंग मुद्दे पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी अकेले पड़ चुके हैं। बड़ा नेता कौन और किसकी चलेगी, के मुद्दे को लेकर प्रदेश भाजपा के नेताओं की गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है। रामलीला मैदान को छोड़ दें तो किसी भी अन्य कार्यक्रम में सभी नेताओं के एक साथ जुटे अरसा हो गया है। उधर, शीला दीक्षित के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ गया है। प्रदेश भाजपा के नेताओं की चिंता भी यही है कि कहीं जीती हुई बाजी हाथ से न निकल जाए।
विज्ञापन