हर्षवर्धन ने मनमानी पर उठाए सवाल, रखी मांग
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दिल्ली प्रदेश भाजपा ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से निजी स्कूलों के लिए एक पारदर्शी फीस नीति बनाने की मांग की है।
भाजपा का कहना है कि स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावक परेशान है। निजी स्कूल अभिभावकों से स्कूल फीस, विकास शुल्क, डोनेशन समेत दर्जनों मदों के आधार पर शोषण कर रहे है। फीस नीति बनी तो इससे लोगों को राहत मिलेगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि छठे वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के नाम पर दिल्ली के निजी स्कूलों में अपने यहां पढ़ रहे बच्चों से 150 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी की। इतनी फीस नहीं देने वाले बच्चों के नाम स्कूल से काट दिए गए।
फर्जीवाड़े पर उठाए सवाल
दिल्ली के उपराज्यपाल से उन्होंने जस्टिस अनिल देव सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निजी स्कूलों द्वारा वसूली गई अधिक फीस वापस करने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा है कि जब केंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून पूरे देश में लागू कर दिया है तो सरकार की ही जिम्मेदारी बनती है कि वह राजधानी के प्रत्येक बच्चे की शिक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध करे, लेकिन दिल्ली में स्कूलों की संख्या पर्याप्त नहीं है।
यही कारण है कि स्कूलों को यह अवसर मिल रहा है कि वे अभिभावकों के साथ स्कूल फीस, डोनेशन आदि के नाम पर मनमानी करें।