अब 'मोदी लहर' के सहारे चुनाव नहीं लड़ेगी बीजेपी
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लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के सहारे ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाल भारतीय जनता पार्टी अब इससे किनारा करने वाली है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा अब दिल्ली विधानसभा चुनाव सिर्फ मोदी लहर के भरोसे नहीं लड़ेगी। जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में अपने बेहतर प्रदर्शन के बावजूद भाजपा, राजधानी में आम आदमी पार्टी के वोट प्रतिशत को खतरे की घंटी मान रही है।
इसे ध्यान में रख भाजपा अभी से ही हर वार्ड में पड़े वोट का आकलन कर रही है। इस आकलन पर विधायकों को भी वोट की तराजू पर तौला जा रहा है।
तो अब ऐसे होगा चुनाव?
पार्टी में जमीनी स्तर पर चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। विधानसभा चुनावों के संभावित प्रत्याशियों के चयन को लेकर अभी से आकलन भी शुरू कर दिया गया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों का चयन पिछले विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने के आधार पर नहीं किया जाएगा।
बजाए इसके लोकसभा चुनाव में उनके विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रदर्शन को आधार मानकर उन्हें टिकट देने या नहीं देने का फैसला किया जाएगा।
फील गुड नहीं कर रहे बीजेपी MLA
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में जिस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है, वहां के मौजूदा विधायकों का टिकट भी कट सकता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि भाजपा के विधायक फील गुड नहीं कर रहे। यह भी संभव है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर काम करने वाले और लोकप्रिय नेता को टिकट मिल जाए। उन्होंने बताया कि हर वार्ड से डाटा मंगाया गया है।
भाजपा रणनीतिकार इस डाटा पर जोड़ घटाव भी कर रहे है। वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठकें भी हो रही हैं। उन्होंने माना कि आम आदमी का प्रभाव अभी भी दिल्ली के मतदाताओं में है। उनके कैडर वोट को पार्टी नजरअंदाज करके नहीं चल सकती है।