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दिल्ली में फैला बर्ड फ्लू, डॉक्टर की सलाह- पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें, बरते ये सावधानी

Tue, 12 Jan 2021 01:01 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 12 Jan 2021 01:01 AM IST
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Bird flu spread in Delhi doctor advice Avoid direct contact of birds use these precautions
संजय झीम में मृत बत्तखों को दफनाते स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : amar ujala

दिल्ली में पक्षियों की लगातार हो रही मौतों के बीच दिल्ली में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। दिल्ली से मध्य प्रदेश के भोपाल की लैब में जांच के लिए भेजे गए आठ सेंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। दिल्ली सरकार को इसी रिपोर्ट मिल गई है। इसमें संजय झील, मयूर विहार फेज-3 व द्वारका सेक्टर-9 में पक्षियों की मौत की वजह बर्ड फ्लू बताई गई है। हालांकि, अभी पंजाब के जालंधर की लैब में भेजे गए सेंपल की रिपोर्ट मिलनी बाकी है। इसकी जानकारी देने के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्लीवालों को बर्ड फ्लू से फिक्रमंद न होने की सलाह दी है।

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उधर, दिल्ली में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी है। वहीं, बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद संजय झील में सोमवार सुबह बत्तखों को कलिंग (संक्रमण की आशंका से मार देना) किया गया है। इनका प्रोटोकॉल के हिसाब से झील के एक किनारे दफना दिया गया है। वहीं, बड़ी संख्या में पक्षियों को अलग से तैयार पिजरों में रखा गया है। कोशिश संक्रमण का फैलाव रोकने की है। दूसरी तरफ पूरी संजय झील को सेनिटाइज किया जा रहा है। इस बीच लोगों के पार्क में जाने पर पाबंदी लगा दी है। मयूर विहार फेज-3 व द्वारका सेक्टर-9 के पार्क को सेनिटाइज करने के साथ बंद कर दिया गया है।
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इससे पहले दिल्ली से करीब 128 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। सोमवार सुबह तक उसमें 8 सैंपल की रिपोर्ट आई है जो कि भोपाल गया था। इसमें एक सैंपल द्वारका सेक्टर-9, चार संजय झील और तीन मयूर विहार फेज-तीन के थे। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ राकेश सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में तीनों जगहों के सेंपल में बर्ड फ्लू मिला है। इन पार्कों का बंद कर दिया गया है। दूसरी तरफ जालंधर के सेंपल की रिपोर्ट अभी बाकी है।
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एनडीएमसी ने गठित की रैपिड रिस्पांस टीम
बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सोमवार सुबह एनडीएमसी प्रशासन ने रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया है। यह अपने इलाके में चिड़ियों की निगरानी करेंगे। यह हर सप्ताह अपनी रिपोर्ट कारपोरेशन में दाखिल करेंगे। एनडीएमसी का कहना है कि टीम का खास फोकस उन इलाकों में रहेगा, जहां पक्षियों की संख्या ज्यादा रहती है।

128 से अधिक सैंपल भेजे जा चुके हैं।
08 सैंपल की रिपोर्ट आई है।
03 पार्क को बंद कर दिया गया है।
 

पक्षियों का इस तरह दफनाया जाता है

बर्ड फ्लू फैलने पर पक्षियों को दफनाने की एक प्रक्रिया है। इसके तहत पशुपालन विभाग का स्टाफ पीपीई किट पहनकर मृत पक्षियों का उठाता है। फिर उसे पॉलीथीन में पैक करके तीन से चार फिट गहर गड्ढे में दफना दिया जाता है। गड्ढे में पहले से ही चूना पड़ा रहता है। चिकित्सकों का कहना है कि इसके बाद मृत पक्षियों से संक्रमण होने का खतरा नहीं रह जाता। वहीं, पीपीई किट पहने विभागीय स्टाफ भी संक्रमित नहीं होता।

उप-राज्यपाल ने दिया सख्ती का निर्देश
बर्ड फ्लू के मामले मिलने के बाद दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी सख्ती से नियमों का पालन करें। केंद्र सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के तहत जरूरी कार्रवाई करें। दूसरी तरफ आम लोगों को भी इस दौरान एहतियात बरतने की सलाह उप-राज्यपाल ने दी है। उनका कहना है कि अगर कहीं कोई दिक्कत होती है तो हेल्पलाइन नंबर 011-23890318 पर फोन करके मदद ले सकते हैं।

बर्ड फ्लू: पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें, बरते सावधानी

दिल्ली में बर्ड फ्लू की भी पुष्टि हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग पक्षी पालन से जुड़े हैं। उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योकि यह वायरस लोगों में भी फैल सकता है। 

इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर के डॉक्टर विजय दत्ता ने बताया कि जिन मृत पक्षियों में यह वायरस पाया गया है। उनके सीधे संपर्क में आने वाले व्यक्तियों के भी इससे संक्रमित होने की संभावना है। हालांकि, बर्ड फ्लू का एच-5एन-1 स्ट्रेन की लोगों में फैलता है, लेकिन सभी को पूरी सावधानी बरतनी होगी खासकर पक्षी पालन से जुड़े लोगों को पक्षियों के संपर्क में आने से बचना होगा।

डॉक्टर के मुताबिक, बर्ड फ्लू का यह स्ट्रेन काफी घातक है। इसका पहला मामला 1997 में आया था। इस वायरस से पीड़ित होने के बाद 60 फीसदी तक जान का खतरा रहता है। इसलिए, इस समय पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। पक्षी पालन से जुड़े लोगों को पोल्ट्री फार्म में जाने से पहले पीपीई किट पहननी जरूरी है। अगर किसी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आए हैं और खांसी बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या हो रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 

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