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10-12 युवकों ने ही रच डाला बिसाहड़ा हत्याकांड

Wed, 14 Oct 2015 02:47 PM IST
Updated Wed, 14 Oct 2015 02:47 PM IST
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big truth of Bisahdha: the massacre execute by 10-12 youths

प्रतिबंधित पशु की हत्या के संदेह में बिसाहड़ा के शिव मंदिर से लाउडस्पीकर पर घोषणा के बाद गुस्साए दस से बारह युवकों ने घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों से पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है।

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इस दौरान लगभग दो सौ लोग बाहर गली में जमा हो गए थे, लेकिन मारपीट और तोड़फोड़ की घटना को केवल कुछ युवकों ने अंजाम दिया था। घटना में दो मुख्य आरोपी विशाल व शिवम सहित अभी तक नौ आरोपी पकड़े गए हैं और एक आरोपी हरिओम अभी फरार है।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, 28 सितंबर सोमवार रात करीब नौ बजे दो युवकों ने बिसाहड़ा गांव की मुख्य सड़क पर ट्रांसफार्मर के पास पड़े कूड़े के ढेर पर कुत्तों को एक पॉलीथिन खींचते देखा था।

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आक्रोश में विशाल और शिवम ने मंदिर में घुसकर महंत को धमकाया

big truth of Bisahdha: the massacre execute by 10-12 youths

कुत्तों को भगाने पर उन्हें वहां पड़ी खाल और खुर देखकर प्रतिबंधित पशु की हत्या का संदेह हुआ। इकलाख के घर की तरफ किसी को जाते देख मौके पर युवक इकट्ठा हुए और इकलाख के घर पहुंच गए।


इस दौरान घर में इकलाख के अलावा उसकी पत्नी इकरामन, मां असगरी, बेटा दानिश, बेटी शाइस्ता मौजूद थी। आक्रोश में विशाल और शिवम ने करीब 9:45 बजे मंदिर में घुसकर महंत को धमकाया और पशुवध की घोषणा करवा दी।

इसके बाद बिसाहड़ा की उस गली में संदेह के चलते दो से ढाई सौ लोग पहुंच गए। भीड़ का फायदा उठाकर आगे चल रहे युवकों ने पहले तो लोहे का गेट तोड़ने की कोशिश की।

युवक दूसरी तरफ की दीवार फांदकर घर में घुसे

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असफल होने के बाद पीछे की ओर से लकड़ी का दरवाजा तोड़कर कुछ युवक दूसरी तरफ की दीवार फांदकर घर में घुसे और लोहे का गेट खोल दिया। 10-12 युवकों ने घर में घुसकर जबरन फ्रिज में रखे खाने को बाहर निकाल लिया।


इसके बाद उन्होंने दानिश पर हमला कर दिया। इकलाख ने दानिश को बचाने का प्रयास किया तो युवकों ने दोनों की पिटाई की। युवक दानिश को वहीं छोड़ इकलाख को पीटते हुए बाहर लाए और गली के बाहर फेंक दिया।

पुलिस ने कुछ गांव वालों की सहायता से इकलाख को पुलिस की गाड़ी में कैलाश अस्पताल भेज दिया। वहीं, जांच के दौरान पुलिस जब इकलाख के घर पहली मंजिल पर पहुंची तो दानिश वहां घायल पड़ा था।

12:30 बजे इकलाख की मौत की खबर आई

big truth of Bisahdha: the massacre execute by 10-12 youths

पुलिस अधिकारियों ने तुरंत दानिश को भी अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान पीड़ित परिवार की शिकायत पर हमला करने और जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज किया गया।


रात करीब 12:30 बजे इकलाख की मौत की खबर आने के बाद मामला हत्या में तब्दील कर दिया गया। पुलिस मामले में मुख्य आरोपी विशाल और शिवम को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का प्रयास कर रही है।

रिमांड पुलिस को मिलेगा या नहीं, इस पर बुधवार को तस्वीर साफ हो जाएगी। दादरी सीओ के मुताबिक बिसाहड़ा मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपियों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इस दौरान पकड़े गए आरोपियों ने अभी तक किसी भी मामले में कुबूलनामा नहीं किया है।

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