Delhi News: दिल्ली में बड़े नालों की नहीं हुई सफाई, सरकारी विभागों की लापरवाही से मानसून में होगी मुसीबत
मानसून के दौरान घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं तो जरा नाव का इंतजाम कर लें। ऐसा इसलिए भी कि सरकारी तंत्र ने अभी तक इस ओर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं। कई विभागों की संयुक्त लापरवाही का खामियाजा लोगों को चुकाना पड़ सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मानसून के दौरान घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं तो जरा नाव का इंतजाम कर लें। ऐसा इसलिए भी कि सरकारी तंत्र ने अभी तक इस ओर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं। कई विभागों की संयुक्त लापरवाही का खामियाजा लोगों को चुकाना पड़ सकता है।
राजधानी में एनडीएमसी, डीडीए, एमसीडी, बाढ़ एवं सिंचाई नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी, डीएसआईआईडीपी, छावनी परिषद, जल बोर्ड समेत अन्य एजेंसियों के छोटे-बड़े करीब 2846 नाले हैं। हालांकि, एमसीडी का दावा है कि उसने अपने हिस्से के करीब 80 फीसदी नालों की सफाई कर दी है, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और है। सरकारी मशीनरी के दावों की पोल खोलती अमर उजाला संवाददाता आदित्य पाण्डेय की खास रिपोर्ट...
मलबे ने रोका बहाव
स्थान : गीता कॉलोनी
गीता कॉलोनी नाला मौजूदा समय मलबे से भरा है। इसके ऊपरी हिस्सेे में पॉलीथिन की मोटी परत जमी हुई है। इसका बहाव रुक गया है। स्थानीय लोगों केे मुताबिक, पिछली बार इसकी कब सफाई हुई, वह बता नहीं सकते हैं। स्थानीय निवासी अकील अहमद ने बताया कि पिछले साल बरसात में यह नाला ओवरफ्लो होने लगा था।
सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति
स्थान : आईटीओ
आईटीओ नाले की हाल ही में सफाई की गई है, लेकिन इसकी गाद को ठीक तरह से निकाला नहीं गया है। इस नाले का ढक्कन खोलकर केवल कुछ दूरी का ही मलबा निकाला गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल इसकी ऐसे ही सफाई होती है। मानसून के समय यह ओवरफ्लो हो जाता है और आसपास की इमारतों में पानी भर जाता है।
स्थान : कृष्णा नगर, स्वच्छ भारत मिशन को दिखाया आइना
कृष्णा नगर में नाले का पानी सड़क पर बह रहा है। नाले के किनारे दीवार पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत चित्र बनाए गए हैं और स्वच्छता संदेश लिखे गए हैं, लेकिन प्रशासन को इसकी परवाह नहीं है। यहां पर नाला भर चुका है। गंदगी के कारण पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।
स्थान : द्वारका सेक्टर-1, यहां पर गाद और अतिक्रमण से हाल-बेहाल
नाले में ऊपर तक गाद भरी है। किनारों पर कचरा पड़ा है। आसपास में लोग झुग्गियों में रहते हैं। यह पालम विधायक के कार्यालय के बिल्कुल पास है। द्वारका से सदर बाजार मेट्रो स्टेशन जाने वाले फ्लाईओवर से नाले की गंदगी साफ नजर आ रही है। अतिक्रमण के कारण भी यह नाला कराह रहा है।
स्थान: सतनगर बापा नगर, करोलबाग में नाला सफाई में खानापूर्ति
सतनगर में नालों की सफाई का काम जारी था। सड़कों पर मलबा जमा नजर आया। स्थानीय निवासी रईस अहमद ने बताया कि नालों के ऊपर का स्लेप कई महीने से टूटा है। गंदगी के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं।
स्थान : द्वारका-डाबरी रोड चौक, एक सप्ताह से पड़ी है गाद
नाले से निकाली गई गाद करीब एक सप्ताह से यहां पड़ी है। आधी से ज्यादा गाद फिर से फिसलकर नाले में जा चुकी है। नजदीक से देखने पर पता चला कि नाले में गाद भरी है। इसकी ठीक से सफाई नहीं की गई है। बारिश में यह नाला भी लोगों की परेशानी का सबब बन सकता है।
स्थान : ककरौला, यहां भी हालात खराब
ककरौला पालम रोड पर सड़कों के किनारे के नाले भरे मिले। आसपास की अंबिका एंक्लेव, भरत विहार, राजू एंक्लेव, शंकर बाजार रोड कॉलोनी की हालत खराब मिली। यहां पर नालियां बजबजा रही थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि एमसीडी कर्मी हर दूसरे दिन नालियों से मलबा निकालकर ले जाते हैं, लेकिन यह फिर भर जाती हैं।
स्थान : गांधी नगर, घरों की गदंगी ढोने का साधन बना नाला
गांधी नगर नाले की पिछले साल सफाई हुई थी। इस साल मानसून नजदीक आ गया, लेकिन इसकी सफाई अभी तक शुरू नहीं हुई। नाले के दोनों किनारों पर मलबे का ढेर लगा है। कई आवारा पशु यहां घूमते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांधी नगर नाले में घरों का मलबा डाला जाता है।
स्थानीय लोगों ने कहा...
दो दिन में एक बार नालियों की सफाई होती है, लेकिन नाले की सफाई लंबे समय से नहीं हुई। सबसे खराब हालत भरत विहार में है। - सुनीता, ककरौला
कॉलोनी में नाले की सफाई के नाम पर सड़क खोद दी हैं। पानी की पाइप लाइन तोड़ दी है, लेकिन मुख्य नाले की सफाई नहीं हो रही। - भूपेंद्र, करोलबाग
नालों की सफाई होना बहुत जरूरी है। लोगों को भी समझदारी दिखानी चाहिए। नालों को पॉलीथिन और कचरा डालकर लोग पाट देते हैं। - दीपक, शिव मंदिर, आर्य समाज रोड