भीमा कोरेगांव हिंसा: सुधा भारद्वाज से पूछताछ के बाद पुणे पुलिस ने किया गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज से भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को पुणे पुलिस फरीदाबाद पहुंची। पुलिस ने उनसे पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पहले सूरजकुंड डिस्पेन्सरी में उनका मेडिकल करवाया और फिर आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली के लिए पुलिस रवाना हो गई।
गौरतलब है कि पिछले 28 अगस्त से सुधा भारद्वाज घर में नजरबंद थी। उनके साथ घर में कई महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थी। पुणे पुलिस के साथ मौके पर फरीदाबाद पुलिस मौजूद थी।
सुधा भारद्वाज को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मंगलवार को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें जिला अदालत में पेश कर पुणे ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी, मगर उनके वकीलों द्वारा हाईकोर्ट में लगाई याचिका पर सुधा को घर में ही नजरबंद किया गया है। देश भर में गिरफ्तार किए गए लोगों का मामला बुधवार को जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो सुप्रीम कोर्ट ने सभी लोगों को छह सितंबर तक उनके घर में ही हाउस अरेस्ट रखने के आदेश दिए थे।
घर पर भी कड़ी निगरानी
सुधा के घर में दूध-सब्जियों को भी कड़ी जांच के बाद ही अंदर भेजा जाता था। पुलिस सुधा भारद्वाज को फोन व लैपटॉप आदि का इस्तेमाल नहीं करने दे रही थी। इसके बाद से ही दिल्ली-फरीदाबाद सीमा पर बसे इरोज गार्डन के साउथ एंड अपार्टमेंट में रहने वाली सुधा भारद्वाज के घर में चार महिला पुलिसकर्मियों की गार्द तैनात की गई थी। महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी बदल-बदलकर लगाया जा रहा था।
बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा संपर्क
सुधा भारद्वाज के साथ काम करने वाली उनकी एक सहयोगी कृतिका ने बताया था कि नजरबंदी के दौरान पुलिस सुधा भारद्वाज को फोन व लैपटॉप आदि का इस्तेमाल नहीं करने दे रही थी। उनका संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा हुआ था। उनके घर में आ रहे सामान की भी जांच की जा रही थी।