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Bharatmala Project: ग्रेनो में 8000 करोड़ से बनेगा लॉजिस्टिक हब, माल भेजने में आएगी तेजी; विकास को मिलेगी गति
Wed, 29 Oct 2025 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अतुल भारद्वाज, ग्रेटर नोएडा
अतुल भारद्वाज, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Oct 2025 06:49 AM IST
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- फोटो : AI Generated
ग्रेनो दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई के बड़े केंद्र के रूप में तैयार होगा। बोड़ाकी में लॉजिस्टिक पार्क की योजना के साथ अब डीएमआईसी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में नए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब पर प्राधिकरण ने काम शुरू कर दिया है। यह लॉजिस्टिक हब केंद्र सरकार के सहयोग से भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत विकसित होना है। इसे करीब 800 एकड़ में बनाया जाएगा।
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सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि लॉजिस्टिक हब से नोएडा-ग्रेनो के अलावा नजदीकी जिलों के उद्यमी तेजी से माल भेज सकेंगे। अभी इसे निजी कंपनी की मदद से विकसित करने की योजना है। 45 साल के लिए कंपनी को यह काम दिया जाएगा। इसके लिए ग्लोबल टेंडर भी कर दिया गया है। दो से तीन चरण में यह प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा। इस पर कंपनी करीब 6000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।
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वहीं, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खुद प्राधिकरण यहां विकसित करेगा। इस पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च आना प्रस्तावित है। यह निवेश डीएमआईसी इंटीग्रेटेड इंडस्टि्रयल टाउनशिप के लिए बनी एसपीवी द्वारा किया जाना है। लॉजिस्टिक हब का संचालन रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर होगा। इसमें आय का एक निश्चित भाग कंपनी द्वारा एसपीवी के साथ साझा किया जाएगा।
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सोमवार को इस परियोजना के लिए दिल्ली में भी एक महत्वपूर्ण बैठक प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ रेलवे बोर्ड की रही। इसमें लॉजिस्टिक हब के डिजाइन और जरूरतों पर लंबी चर्चा रही। एसपीवी की निदेशक और प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि कुछ सुझाव रेलवे बोर्ड की तरफ से आए हैं।
इनको ग्लोबल टेंडर के लिए जारी आरएफपी में शामिल किया जाना है। इस बैठक का उद्देश्य इस लॉजिस्टिक हब को अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ तैयार करना है। इससे निर्यात को बढ़ावा देने में सहूलियत होगी। रेलवे ट्रैक के अलावा आवश्यक संख्या में प्लेटफार्म, वेयरहाउस व अन्य मूलभूूत सुविधाएं भी यहां विकसित की जाएंगीं।
ग्रेटर नोएडा में विकास होगा तेज
लॉजिस्टिक पार्क और लॉजिस्टिक हब, दोनों के बनने के बाद माल ढुलाई का बड़ा केंद्र ग्रेटर नोएडा बन जाएगा। इसका बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना सिटी के उद्योगों को होगा। इसके अलावा इन क्षेत्र में अप्रत्यक्ष रूप से भी ट्रांसपोर्ट, होटल जैसी सुविधाएं आसपास विकसित हो सकेंगीं। माल परिवहन की सुविधा बढ़ने से औद्योगिक विकास भी तेज हो सकेगा। न्यू दादरी रेलवे स्टेशन को भी यात्री सुविधाओं के साथ इन दोनों परियोजनाओं की जरूरत के लिए तैयार किया जाना है। इससे सीधे आवागमन भी यहां भविष्य में संभव हो सकेगा।
उद्योगों की बड़ी जरूरत लॉजिस्टिक चेन है। इसकी जरूरत बोडाकी में लॉजिस्टिक पार्क व इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब पूरी करेगा। इससे आसपास के जिलों को भी बड़ा फायदा होगा। लॉजिस्टिक सुविधाओं के लिए बड़े केंद्र के रूप में ग्रेटर नोएडा की पहचान बनेगी।
-प्रेरणा सिंह, एसीईओ, ग्रेनो प्राधिकरण।