दलित महिलाओं पर टिप्पणी: रामदेव पर टली सुनवाई
बाबा रामदेव के खिलाफ मामले में शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई के लिये कोर्ट ने 6 अप्रैल की तारीख तय की है। बाबा रामदेव पर दलित समुदाय की महिलाओं के लिये अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
मधु विहार थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रामदेव ने कहा था कि राहुल गांधी दलितों के घर जाकर पिकनिक व हनीमून मनाने जाते हैं, लेकिन किसी दलित युवती से शादी नहीं करते। अगर वह दलित युवती से शादी कर लें तो देश के प्रधानमंत्री बन जाते।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी मुनीश गर्ग के समक्ष बाबा रामदेव के खिलाफ मामले में सुनवाई होनी थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता एसपी गौतम व जितेंद्र कुमार को बहस करनी थी लेकिन केस की सुनवाई के लिये कोर्ट ने अगली तारीख तय कर दी।
एनबी गौतम व अन्य की शिकायत पर मधु विहार थाना पुलिस ने 10 जुलाई 2014 को एससी-एसटी प्रताड़ना रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायत में कहा था कि बाबा रामदेव ने 24 अप्र्रैल 2014 को लखनऊ के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दलित समाज व उसकी महिलाओं के प्रति अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इससे दलित समुदाय की भावनाएं आहत हुई थीं। इस बाबत शिकायतकर्ताओं ने 30 अप्रैल 2014 को शिकायत दी थी जिस पर पुलिस ने दस जुलाई कोे मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की जांच में प्रगति न होने पर शिकायतकर्ताओं ने 18 नवंबर 2014 कोर्ट में अर्जी दायर कर केस का स्टेटस जानने का आग्रह किया था। पुलिस ने 16 दिसंबर 2014 कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि यह घटना लखनऊ के महानगर इलाके की है।
इस बाबत वहां पर भी कई केस दर्ज हैं और सीओ कोतवाली इसकी जांच कर रहे हैं। इसलिए इस मामले की जांच एसएसपी लखनऊ को भेज दिया गया है।