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अयोध्या केसः वकील राजीव धवन के खिलाफ शिकायत दर्ज, कोर्ट में फाड़ा था मंदिर का नक्शा

Fri, 18 Oct 2019 12:35 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 18 Oct 2019 12:35 PM IST
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Ayodhya case complaint filed in delhi against lawyer rajeev dhawan fore tearing temple map
- फोटो : amar ujala

अयोध्या केस के वकील राजीव धवन के खिलाफ बीजेपी पुर्वांचल मोर्चा के संयोजक ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। गौरतलब है कि राजीव धवन ने इस केस की आखिरी सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के अंदर मंदिर का नक्शा फाड़ दिया था।

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इसी से नाराज दिल्ली बीजेपी पुर्वांचल मोर्चा के संयोजक अभिषेक दुबे ने धवन के खिलाफ अराजकता फैलाने के मामले में शिकायत दी है।



जब वकील राजीव धवन ने भरी अदालत में नक्शे को फाड़ा 
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान एक अप्रत्याशित घटना हुई जब मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने भरी अदालत में एक नक्शे को फाड़ डाला।
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यह नक्शा अखिल भारतीय हिन्दू महासभा द्वारा अदालत में पेश किया गया था। महासभा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने संविधान पीठ केसमक्ष कहा कि अब तक किसी भी पक्षकार ने यह नहीं बताया है कि भगवान राम का जन्म किस जगह पर हुआ था।
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विकास सिंह ने अदालत को यहनक्शा पेश कर यह बताने की कोशिश की कि वह इसकेजरिए सटीक जन्मस्थान बताना चाहते हैं और वह जन्मस्थान विवादित ढांचे केबीच वाली गुंबद केनीचे है। यह नक्शा एक पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल की किताब 'अध्योध्या रिविजिटेड’ से ली गई थी। इस नक्शे को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने कड़ी आपत्ति जताई।

धवन ने कहा कि वह इस नक्शे को नहीं मानते। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आप इसे न मानिए। जवाब में धवन ने कहा कि मैं फेंकना चाहता हूं और यह कहते हुए उन्होंने उस नक्शे को भरी अदालत में फाड़ दिया। जिस पर चीफ जस्टिस ने धवन से कहा कि आप इसकेऔर टुकड़े कर सकते हैं।

जिसके धवन ने उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के मुताबिक, ऐसा सुप्रीम कोर्ट में पहली बार हुआ है जब भरी अदालत में किसी दस्तावेज को फाड़ा गया। इसके चंद मिनटों के बाद सुनवाई के तौर-तरीके से नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि इस तरह से सुनवाई नहीं हो सकती और वह सुनवाई खत्म कर सकते हैं। 

हालांकि लंच के बाद सुनवाई केदौरान धवन ने नक्शे फाडने की घटना वायरल हो गई है। धवन ने कहा कि वास्तव में मैं उस नक्शे पर फेंकना चाहता था लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि वह इसे टुकड़े भी कर सकते हैं। इसके बाद नक्शे को फाड़ा। जिस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगई ने इस विवाद को खत्म करने के लिए कहा कि हां मैंने टुकड़ा करने केलिए कहा था। 

अयोध्या भूमि विवाद मामला सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2010 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था लेकिन इसकेमेरिट पर सुनवाई इसी वर्ष छह अगस्त से सुनवाई शुरू हुई थी।

मालूम हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में 2.77 एकड़ वाली विवादित जगह को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्माही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 अपील दायर की गई है और यह मामला पिछले नौ वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था।

क्या है मोल्डिंग ऑफ रिलीफ
दोनों पक्षों की ओर से अपील के दौरान जो गुहार लगाई गई है क्या इससे भी इतर आगे-पीछे क्या कुछ गुंजाइश बनती है? पक्षकारों को लिखित रूप में यह बताने केलिए कहा गया है। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि इस मामले में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ सिद्धांत किस हद तक लागू किया जा सकता है।

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