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अपने गांव में ही इज्जत बचा पाये भड़ाना
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 21 May 2014 07:37 PM IST
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कभी मुख्यमंत्री तो कभी देश के गृहमंत्री बनने का सपना देखने वाले पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना की इज्जत चुनाव में सिर्फ उनके पैतृक गांव वालों ने रखी। इसके अलावा हर क्षेत्र में वे भाजपा और इनेलो से पीछे रहे।
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निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, बड़खल विधानसभा में पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना के गांव अनंगपुर में 172 से 176 तक पांच बूथ बनाए गए थे। यहां गांव वालों ने उनका भरपूर साथ दिया। पांचों बूथों पर भड़ाना को 2302 वोट मिले। उनके गांव में इनेलो प्रत्याशी आरके आनंद को मात्र 65 वोट से ही संतोष करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी ने भड़ाना के गांव से भी 1169 वोट झटक लिए।
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राज्य में सबसे पहले खाद्य सुरक्षा कानून लागू कराने की दुहाई देने वाले कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह अपने गांव नवादा खोह से कांग्रेस प्रत्याशी को सिर्फ 333 वोट दिला पाए। जबकि उनके यहां भाजपा को 730 और इनेलो को 241 वोट मिले हैं।
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उधर, इंडियन नेशनल लोकदल की कमान संभालने वाले जिलाध्यक्ष नगेंद्र भड़ाना अपने इलाके एनआईटी में पार्टी प्रत्याशी आरके आनंद को दस हजार भी वोट नहीं दिलवा पाए। जबकि इसी विधानसभा से वह खुद विधायक बनने का सपना संजोए बैठे हैं। यहां से इनेलो प्रत्याशी आरके आनंद को 8443 वोट मिले, जबकि भाजपा ने 84,920 वोट बटोरे। कांग्रेस प्रत्याशी के हिस्से में 18,228 वोट आए हैं।
मेयर अशोक अरोड़ा के क्षेत्र एनआईटी-एक के बूथ नंबर 81 से 84 तक में कांग्रेस को केवल 561 वोट ही मिले, जबकि भाजपा 1406 वोट पाने में सफल रही।