गुड़गांव-फरीदाबाद के ऑटो नहीं जा सकते दिल्ली?
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दिल्ली के ऑटो का शहर में आने का रास्ता साफ हो गया, लेकिन गुड़गांव-फरीदाबाद के ऑटो दिल्ली और एनसीआर के दूसरे शहरों में नहीं जा सकते। प्रदेश की ऑटो पॉलिसी इस योजना की राह में रोड़े बन रहे हैं।
ऑटो की सवारी के सहारे दिल्ली की सत्ता पर काबिज होते ही ‘आप’ के नेता अरविंद केजरीवाल ने एनसीआर के शहरों के लिए 5000 नए ऑटो को परमिट देने की घोषणा से दिल्ली के ऑटो वालों को बड़ी सौगात दी।
हालांकि इससे पूर्व ही एनसीआर के शहरों में ऑटो की फ्रिक्वेंसी बढ़ाने की योजना धरातल पर आ गई थी। इसी योजना के सहारे केजरीवाल ने अपने शहर के लोगों को बड़ी सौगात का ऐलान कर दिया।
लेकिन अब गुड़गांव और फरीदाबाद के ऑटो चालक असमंजस में हैं। दिल्ली और एनसीआर के दूसरे शहरों में ऑटो के लिए पॉलिसी है। उनका किराया निर्धारित है। लेकिन यहां ऑटो चालकों की मनमर्जी के सिवाय कुछ भी नहीं।
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बगैर नियमों के इनके दिल्ली जाने पर प्रतिबंध लग गया है। यहां ऑटो में मीटर भी नहीं है। इस बीच ऑटो यूनियन ने शहर में आने वाले ऑटो का अभी से विरोध शुरू कर दिया।
सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के प्रधान राजकुमार ने कहा कि जब तक शहर के ऑटो के लिए पॉलिसी बनाकर हमें दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दी जाती, दिल्ली के ऑटो को शहर में नहीं घुसने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने को तैयार हैं। अथॉरिटी किराया आदि पर तो सहमति बना लें।
बढ़ती महंगाई और सीएनजी के बढ़ते दामों के बीच किलोमीटर के हिसाब से किराया तय कर उनके लिए पॉलिसी का निर्धारण किया जाए। राजकुमार के अनुसार प्रदेश में ऑटो के लिए कोई पॉलिसी ही नहीं है।
आरटीए के सचिव दलबीर सिंह ने भी स्वीकार किया कि ऑटो पॉलिसी के अभाव में लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही मीटर आदि लगाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
चूंकि यहां दिल्ली से सस्ती सीएनजी है। लिहाजा किराया को लेकर दिल्ली के पैटर्न को स्टडी किया जा रहा है। दिल्ली की तर्ज पर ही यहां के ऑटो का किराया तय करने की तैयारी की जा रही है।