फोन पर ATM की जानकारी दी, अकाउंट में हो गई सेंधमारी
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बैंक के एटीएम डिपार्टमेंट से कॉल करने की बात कहकर आरोपी ने इंजीनियर से एटीएम कार्ड के उपर लिखे सोलह डिजिट का नंबर मांगा। नंबर देने के बाद ही पीड़ित के अकाउंट से रुपये निकालने लगे। हैरानी तो तब हुई जब पीड़ित ने अपने कार्ड का पिन नंबर भी बदल दिया। बावजूद उसके अकाउंट से रुपये निकालने का सिलसिला नहीं बंद हुआ।
पीड़ित इंजीनियर की शिकायत पर गुलाबी बाग पुलिस ने ठगी और आईटी एक्ट के तहत का मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के मुताबिक नितिन डागर (24) सपरिवार किशनगंज में रहते हैं। वह सिमेंस कंपनी में इंजीनियर हैं। इसी 16 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति ने नितिन को फोन कर खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया।
उसने बताया कि नितिन का एटीएम कार्ड एक्सपायर होने वाला है। इसे चालू रखने के लिए उसे कार्ड पर छपे 16 डिजिट का नंबर बताना होगा। नितिन ने एटीएम के नंबर को गोपनीय नंबर बताकर देने से इनकार कर दिया। इतना सुनते ही फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह एसबीआई के एटीएम डिपार्टमेंट से बोल रहा है। बाद में नितिन ने उसे नंबर बता दिया।
कोलकाता से निकाले गए हैं पैसे
नितिन के मुताबिक नंबर बताने के बाद उसके फोन पर उसके अकाउंट से रुपये निकाले जाने का मैसेज आने लगा। उसने तुरंत पास स्थित एसबीआई के एटीएम पर जाकर अपना पिन नंबर बदल दिया। बावजूद उसके अकाउंट से रुपये निकालने का सिलसिला नहीं रुका।
इसके बाद उन्होंने बैंक में जाकर अपने अकाउंट को होल्ड करा दिया। उसके बाद नितिन ने उस शख्स के नंबर पर फोन किया। उसने बताया कि वह उसके अकाउंट को खाली कर देगा।
अगर वह ऐसा नहीं चाहता है तो वह किसी अन्य व्यक्ति के एटीएम का नंबर उसे दे दे। गत 24 अप्रैल को नितिन ने गुलाबी बाग थाने में इस बाबत शिकायत की। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कोलकाता का आईपी एड्रेस मिला है। पुलिस की एक टीम जांच के लिए कोलकाता रवाना हो गई है।