डॉक्टरों की क्लास में PM मोदी ने की पते की बात
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छात्र से डॉक्टर बनने वालों को डिग्री देने से पहले प्रधानमंत्री ने एम्स में उनकी अंतिम क्लास ली। इस दौरान मोदी ने कहा कि अब कर्ज चुकाने की बारी डिग्रीधारकों की है, इसलिए साल में 7 दिन ही सही देश के किसी भी राज्य के दूरदराज के इलाकों में जाकर गरीब मरीजों का इलाज जरूर करें।
मोदी ने छात्रों को कहा कि अब आप छोटे क्लासरूम से बडे़ क्लासरूम में जा रहे हैं। आपका हाथ पकड़ने वाला कोई नहीं है। अब आपको जिम्मेदार बनना होगा और जिम्मेदारी लेनी होगी। अभी तक आपकी गलती को सुधारने के लिए आपके सीनियर और प्रोफेसर साथ थे, लेकिन अब आपको स्वयं निर्णय लेना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जब पहली बार दिल्ली आए होंगे तब आपको किसी ऑटोवाले ने यहां पहुंचाया होगा, सर्दी के मौसम में देर रात चायवाले ने आपके कहने पर दुकान खोलकर चाय पिलाई होगी और उसके बाद आपने फिर से पढ़ाई शुरू की होगी।
ट्रॉमा प्रिवेंशन पर स्वच्छ भारत अभियान की तरह हो काम
पीएम मोदी ने कहा कि आपको डॉक्टर बनाने में उन सबका योगदान है। मरीज के लिए डॉक्टर को आदर्श बनना चाहिए। नसीहत देते हुए मोदी ने कहा कि यह नहीं होना चाहिए कि डॉक्टर बोले धूम्रपान करने से कैंसर होता है और स्वयं धूम्रपान करे, क्योंकि यदि मरीज डॉक्टर को धूम्रपान करते देखता है तो उसे लगता है कि डॉक्टर धूम्रपान कर रहे हैं तो उन्हें करने में क्या दिक्कत है।
एम्स निदेशक डॉक्टर एमसी मिश्रा ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ट्रॉमा प्रिवेंशन पर भी स्वच्छ भारत अभियान की तरह काम किया जाना चाहिए। मिश्रा ने कहा कि देश की 72 फीसदी आबादी दो पहिया वाहन चलाती है और उसमें से काफी लोग हेलमेट नहीं पहनते। ऐसे में हादसे के बाद वे गंभीर रूप से घायल होते हैं। हादसे के बाद ट्रॉमा से बचने के लिए हेलमेट जरूरी है।