तो क्या अब पुराने घर में लौटेंगे केजरीवाल?
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आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के घर का मामला लगातार खिंचता जा रहा है। 49 दिनों तक दिल्ली के सीएम रहे अरविंद केजरीवाल पर सरकारी आवास खाली करने के दबाव के चलते उन्होंने किराए का मकान ढूंढ़ा लेकिन वह भी विवादों में फंस गया।
सूत्रों के मुताबिक अब ऐसा माना जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल पूर्व कांग्रेसी नेता भीखूराम जैन के बेटे नरेंद्र जैन के घर में नहीं रहेंगे।
कानूनी अड़चन में फंसने ही वजह से इस घर में केजरीवाल का शिफ्ट होना अधर में लटक गया। सूत्रों ने बताया कि अब केजरीवाल वापस लौटकर पुरानी जगह ही जाने वाले हैं।
पुराने घर में वापसी करेंगे केजरीवाल!
टीओआई के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ गाजियाबाद के कौशांबी स्थित पुराने घर में वापस आ सकते हैं। यह घर केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को अलॉट किया गया है।
बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने यह घर जनवरी 2014 में दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली कर दिया था और दिल्ली के तिलक लेन स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए थे।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि यह अभी तक नहीं तय हो सका है कि केजरीवाल और उनका परिवार कहां रहेगा। हालांकि इस बारे में फैसला लिया जा चुका है कि केजरीवाल जुलाई के अंत तक सरकारी आवास खाली कर देंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता केजरीवाल के लिए अच्छे घर की तलाश कर रहे हैं। कई समर्थकों ने उन्हें अपने घर में रहने का ऑफर दिया है।
कानूनी पेंच में फंस गया घर
सूत्रों के मुताबिक, राजस्व विभाग में कार्यरत केजरीवाल की पत्नी ने दिल्ली में सरकारी घर मिलने के बाद कौशाम्बी स्थित सरकारी आवास इसलिए खाली कर दिया था क्योंकि कोई भी एक साथ दो सरकारी बंगले नहीं ले सकता।
हालांकि अब एक बार फिर घर की समस्या आने पर केजरीवाल की पत्नी सरकार से घर एलॉट करने के लिए कहेंगी। दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित कांग्रेस नेता के घर में पहले केजरीवाल शिफ्ट होने वाले थे लेकिन यह मकान विवादों में घिर गया।
दरअसल, केजरीवाल को किराये पर घर देने वाले नरेंद्र के छोटे भाई वीरेंद्र ने प्रॉपर्टी विवाद का हवाला देते हुए मामले को अदालत में खींच लिया जिसके बाद अदालत ने मकान में किसी के भी रहने पर रोक लगा दी।
ये भी चर्चा है जोरों पर
वहीं, अरविंद केजरीवाल को दिल्ली नगर निगम की ओर से भी घर दिये जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल एनडीएमसी के सदस्य हैं और इस नाते उन्हें निगम की ओर से घर दिया जा सकता है।
सूत्रों के इस मामले में कार्यवाही शुरू हो चुकी है बहुत जल्द यह बात सामने भी आ सकती है।
निगम की ओर से घर दिये जाने की चर्चाओं के बारे में केजरीवाल या आप के किसी नेता ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।