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राष्ट्रपति से मिलने नहीं पहुंचे AAP के 5 विधायक

Sat, 06 Sep 2014 09:51 PM IST
Updated Sat, 06 Sep 2014 09:51 PM IST
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arvind kejriwal meets president pranab mukharji

दिल्ली में सरकार बनाने की चल रही माथापच्ची के बीच शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रपति से मिलकर चुनाव कराने की मांग की है।

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राष्ट्रपति के सामने दिल्ली की सभी स्थितियों को रखते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में चुनाव ही एकमात्र विकल्प है। अगर फिर भी कोई सरकार बनाने का दावा कर रहा है तो यह बिना विधायकों के जोड़-तोड़ के संभव नहीं है।
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अगर एलजी भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे रहे तो फिर यह विधायकों के खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देने जैसा है। केजरीवाल के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा पार्टी के 27 में से 21 विधायक साथ थे।
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राष्ट्रपति से मुलाकात में पांच विधायकों के न पहुंचने पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी ने विधायकों की नामौजूदगी को लेकर अपनी सफाई पेश की है।

बता दें कि, विधायकों की गैरहाजिरी पर सियासी चर्चा को इसलिए भी बल मिला है कि पहले भी कई बार ऐसी अटकलें सामने आई हैं कि आप के कुछ विधायक भाजपा को समर्थन देकर सरकार बनवा सकते हैं।

जा‌निए, क्यों नहीं पहुंचे AAP के 5 विधायक?

arvind kejriwal meets president pranab mukharji

हालांकि आम आदमी पार्टी ने बताया कि सभी पांच विधायक राजधानी से बाहर होने के चलते राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए नहीं पहुंच सके। आप के दिल्ली प्रभारी आशुतोष ने कहा कि भाजपा को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। सभी विधायक पार्टी के साथ हैं।

अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रपति से कहा कि दिल्ली की जनता चुनाव चाहती है। इसी उम्मीद से कि दिल्ली में सात महीने पहले उन्होंने बहुमत वाली सरकार के लिए इस्तीफा दिया था। वर्तमान में दिल्ली में मौजूदा विधानसभा सदस्यों में से 29 भाजपा, 28 आप (जिसमें एक निष्कासित), 8 कांग्रेस, एक जनता दल यूनाइटेड और एक निर्दलीय है।

इस लिहाज से बिना एक दूसरे के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाना संभव नहीं है। अभी तक किसी पार्टी ने किसी को भी समर्थन देने की बात नहीं कही है।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी यानी आप और कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाने के पक्ष में नहीं हैं और न ही किसी को समर्थन देंगे। ऐसी स्थिति में दिल्ली में चुनाव कराना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

केजरी की मेहनत पर फिरेगा पानी?

arvind kejriwal meets president pranab mukharji

केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें खबर मिली की एलजी ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए न्योता देने जैसी बात राष्ट्रपति को भेजी एक रिपोर्ट में किया है। अगर वह ऐसा कर रहे हैं तो यह विधायकों को खरीद फरोख्त को बढ़ावा देने जैसा होगा। इसलिए हमने राष्ट्रपति से मिलकर सारी स्थिति उनके सामने रखी है।

उन्होंने बताया कि उनके साथ 21 विधायक रहे। उन्होंने कहा कि बिना बहुमत के सरकार बनाने का न्योता अगर भाजपा को दिया जाता है तो यह लोकतंत्र की हत्या जैसा होगा। यह पूरी तरह से असंवैधानिक भी है।

राष्ट्रपति से मांग की है कि वह एलजी के असंवैधानिक सिफारिश पर गौर न करते हुए विधानसभा को भंग करने और दिल्ली में नए सिरे से चुनाव कराने का फैसला जनता के हक में लें।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने चुनाव कराने की मांग को लेकर दिल्ली में लगातार रैलियां और मोहल्ला सभाएं की हैं। यही नहीं, पार्टी ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है।

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