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चीन से आने वाले छात्रों को मानेसर-छावला के विशेष अस्पताल में रखेगी सेना 

Sat, 01 Feb 2020 03:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 01 Feb 2020 03:49 AM IST
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Army to keep students coming from China in special hospital in Manesar-Chhawla
विशेष अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

कोरोनावायरस से बचाव की कमान अब भारतीय सेना ने संभाल ली है। चीन में फंसे भारतीय छात्रों को लाने के लिए भारत से टीमें रवाना हो चुकी हैं। शुक्रवार देर रात तक छात्रों को भारत लाया गया। इन्हें फिलहाल दिल्ली के छावला और गुरुग्राम के मानेसर में बनाए गए विशेष अस्पतालों में रखा जाएगा जिन्हें भारतीय सेना और आईटीबीपी ने तैयार किया है। 

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 366 छात्रों को वापस लाया जा रहा है। उन्हें लाने के लिए पांच डॉक्टरों की टीम भी साथ गई है। इन छात्रों को छावला और मानेसर स्थित अस्पतालों में तब तक रखा जाएगा जब तक इनके सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं मिल जाती। अगर छात्रों के सैंपल निगेटिव आते हैं तो इन्हें घर भेज दिया जाएगा। चीन के वुहान प्रांत से फैला कोरोना वायरस अब तक दुनिया के 17 देशों में फैल चुका है। चीन में इस खतरनाक वायरस से अब तक 213 लोगों की मौत हो चुकी है। 
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भारतीय सेना द्वारा मानेसर अस्पताल में एक विशेष वार्ड बनाया गया है जिसमें चीन से आने वाले भारतीय छात्रों को रखा जाएगा। इस वार्ड में लगभग 300 लोगों को रखने की सुविधा है। इस वार्ड में छात्रों की डॉक्टरों और कर्मचारियों के सदस्यों की एक टीम द्वारा कुछ हफ्तों तक निगरानी की जा सकती है। सेना ने कहा कि भारतीय छात्रों की स्क्रीनिंग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) और हवाई अड्डा स्वास्थ्य प्राधिकरण (एपीएचओ) की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। 
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वहीं दिल्ली के छावला इलाके में आईटीबीपी ने 600 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) कैंप में यह व्यवस्था शुरू की गई है। इस केंद्र में 25 डॉक्टरों की एक टीम मौजूद रहेगी। इस टीम में 15 सफदरजंग अस्पताल के और 10 आईटीबीपी के डॉक्टर होंगे। उन्होंने ये भी बताया कि आइसोलेशन वार्ड में बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 

वहीं एपीएचओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान शुक्रवार दोपहर को करीब 12 बजकर 50 मिनट पर रनवे पर आया और दोपहर एक बजकर 20 मिनट पर उड़ान भरी। विमान के उड़ान भरने में देरी हुई क्योंकि कुछ चीजों की मंजूरी लंबित थी। उन्होंने संभावना जताई थी कि विमान शुक्रवार को देर रात एक से दो बजे के बीच लौट आएगा।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यह 366 छात्र वुहान में हैं। 14 दिन के लिए इन नागरिकों को मानेसर और छावला में बने विशेष केंद्रों में रखा जाएगा। इनमें से 280 पुरुष नागरिकों को मानेसर और करीब 90 लोगों को छावला में रखा जाएगा। अगर इनमें से किसी की रिपोर्ट में कोरोना वायरस पाया जाता है तो उसे तत्काल बड़े अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. राजीव गर्ग को मंत्रालय ने नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। अन्य मंत्रालयों ने भी एक एक नोडल अधिकारी को स्थिति पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी है। सफदरजंग अस्पताल में भी 50 बिस्तरों की क्षमता वाला आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। 

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