इस बड़बोलेपन से कहीं पिछड़ ना जाए BJP
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दिल्ली विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए नाक का सवाल बन गया है। केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति दिल्ली फतह की है, लेकिन माहौल ऐसा बन गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने-अपने नंबर बढ़ाने में मदद मिल रही है।
केंद्र का हर नेता एक दूसरे से आगे बढ़ने में दिखाई पड़ रहा है। वहीं, केंद्रीय नेतृत्व के सामने प्रदेश के कार्यकर्ता दरकिनार हो रहे हैं। दिल्ली चुनाव में जिस तरह से केंद्रीय नेतृत्व सक्रिय हुआ है, ऐसा पिछले पांच चुनावों में कभी देखने को नहीं मिला।
पहली बार केंद्रीय मंत्री अपने मंत्रालय के विकास कार्यों को बताते नहीं थक रहे। आठ महीने की सरकार का डंका ज्यादा पीटा जा रहा है और दिल्ली के लिए घोषणा पत्र निकालने में पीछे हट रहे हैं।
मोदी के सामने नंबर बढ़ाने को जुटे हैं नेता
प्रदेश कार्यालय में तो यह चर्चा का विषय है कि केंद्रीय नेता मोदी के सामने अपने प्वाइंट बढ़ाने में जुटे हैं। कई तो यह कह रहे हैं कि जो दिल्ली में मुख्यमंत्री की दौड़ में पिछड़ गए, वे एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं, ताकि गुंजाइश बने तो वह दिल्ली की गद्दी संभाल सकें।
इस राजनीति के चक्कर में प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके कद के सामने बौने साबित हो रहे हैं। कई प्रदेश के नेताओं का तो यहां तक कहना है कि दिल्ली फतह में प्रदेश का संगठन ही बर्बाद हो रहा है।
दिल्ली के नेता तो दबी जुबान में यह भी कह रहे हैं कि अगर दिल्ली में पार्टी की सरकार नहीं बनी तो क्या उस हार को केंद्र की हार मानी जाएगी।