दिल्ली मेट्रो ने बनाया इतिहास: सड़कों पर थमे बसों के पहिए तो मेट्रो में उमड़ा जनसैलाब, ढोए रिकॉर्ड यात्री
दिल्ली मेट्रो में गुरुवार 17 सितंबर को डीटीसी बस चालकों की हड़ताल चरम पर थी। इस दौरान बसें न के बराबर चल रही थीं। ऐसे में यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का बीड़ा दिल्ली मेट्रो ने उठाया। इस दौरान रिकॉर्ड 82,44,903 यात्रियों ने मेट्रो में बोर्डिंग की, डीएमआरसी के अनुसार यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
विस्तार
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को भी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, अन्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर बसें यात्रियों को ले जाती दिखीं। दूसरी ओर, गुरुवार को जहां एक ओर बसों के बेड़े डिपो से बाहर ही नहीं निकल पाए थे, इस दौरान दिल्ली की लाइफलाइन बनी मेट्रो ने पूरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कमान संभाली और रिकॉर्ड 82,44,903 यात्रियों को उनके घर और आफिस पहुंचाया।
52 डिपो पर चला विरोध
डीटीसी बस चालकों और परिचालकों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहने से यात्रियों को दिक्कत बनी रही। प्रदेश सरकार और बस चालक यूनियनें अपने-अपने मुद्दों पर अड़ी रहीं। राजधानी के करीब 52 डिपो में बस चालक यूनियनों का विरोध चलता रहा लेकिन साथ ही साथ सड़कों पर बसें दौड़ती दिखाई पड़ीं।
मेट्रो ने लगाए अतिरिक्त 20 फेरे
दिल्ली में शुक्रवार को 7500 इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों में से लगभग 2500 से 3000 तक बसें सड़कों पर रहीं। हालांकि, बड़ी संख्या में यात्री मेट्रो में शिफ्ट हुए, फिर भी डिपो पर यात्री अपने गंतव्य के लिए बसों का इंतजार करते रहे। बड़ी संख्या में बसों के सड़कों से बाहर रहने के कारण यात्रियों ने मेट्रो का रुख किया। इसका असर मेट्रो की यात्री संख्या पर साफ दिखाई दिया। इस दौरान भी मेट्रो में यात्रियों की भीड़ दिखी। विशेषकर राजीव चौक, कश्मीरी गेट, बॉटेनिकल गार्डन, पटेल चौक, हौज खास और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर भीड़ दिखाई दी। इस दौरान 8 अतिरिक्त मेट्रो चलाई गईं और मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे लगाए।
मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के टूटे रिकॉर्ड
दिल्ली मेट्रो में गुरुवार 17 सितंबर को डीटीसी बस चालकों की हड़ताल चरम पर थी। इस दौरान बसें न के बराबर चल रही थीं। ऐसे में यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का बीड़ा दिल्ली मेट्रो ने उठाया। इस दौरान रिकॉर्ड 82,44,903 यात्रियों ने मेट्रो में बोर्डिंग की, डीएमआरसी के अनुसार यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले मेट्रो में सबसे अधिक यात्री बोर्डिंग का रिकॉर्ड 8 अगस्त 2025 को 81,88,115 का था। नए रिकॉर्ड ने पुराने आंकड़े को 56,788 यात्रियों से पीछे छोड़ दिया। वहीं, बुधवार 16 सितंबर को 80,71,630 बोर्डिंग के मुकाबले गुरुवार को करीब 1.73 लाख अधिक यात्री रहे।
मेट्रो के अलावा ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का विकल्प तलाशा
शुक्रवार को कुछ बसों के सड़कों पर लौटने के बावजूद कई इलाकों में यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। हड़ताल के कारण तीन हजार से अधिक बसों के प्रभावित रहने की बात सामने आई है। यात्रियों को मेट्रो, ऑटो और ई-रिक्शा जैसे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ा।
| तारीख | यात्री बोर्डिंग |
| गुरुवार, 17 सितंबर 2026 | 82,44,903 |
| शुक्रवार, 8 अगस्त 2025 | 81,88,115 |
| गुरुवार, 27 अगस्त 2026 | 81,01,159 |
| सोमवार, 11 अगस्त 2025 | 80,97,551 |
| बुधवार, 16 सितंबर 2026 | 80,71,630 |
यात्रियों से बातचीत
देरी से पहुंच रहे कार्यालय
जीपीओ के पास एक कंपनी में कार्य करते हैं। खजूरी खास से चार दिनों से लगातार बस स्टॉप पर खड़े रहते हैं लेकिन एक-एक घंटे बस नहीं मिलती है। कार्यालय पहुंचने में देरी होती है। -राजकुमार, निवासी खजूरी खास, यात्री
चार दिनों से हड़ताल ने परेशान किया
चार दिनों से लगातार डीटीसी की हड़ताल से आने जाने में समय लग रहा है। घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को तो बस मिली ही नहीं, आज कुछ बस आती दिखाई दे रही हैं। -सिकंदर पासवान, कश्मीरी गेट
आधे घंटे से कर रहे इंतजार
आरएमएल अस्पताल में आई थी, यहां एनडीपीओ से बस का इंतजार करते हुए आधे घंटे हो गए हैं। -चेतन देवी, निवासी भजनपुरा
सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है
पटेल चौक के निकट कार्यालय है। प्रतिदिन सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है। चार दिनों से चल रही बसों की हड़ताल से परेशान हैं। पता नहीं कब हड़ताल खत्म होगी। घर भी देरी से पहुंच रहे हैं। - धर्म सिंह, निवासी कल्याणपुरी