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ग्राउंड जीरो: टूटी गलियां... जर्जर सड़कें, बदहाली का शिकार दिल्ली का ये इलाका; लोगों ने गिनाईं समस्याएं
Mon, 14 Oct 2024 08:36 AM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 14 Oct 2024 08:36 AM IST
सार
उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के नेहरु विहार इलाके में अमर उजाला की टीम पहुंची। जहां संवाद कार्यक्रम के दौरान परेशान जनता ने अपनी समस्याएं बताईं। अमर उजाला संवाद में लोगों ने कहा कि दिल्ली नगर निगम व लोक निर्माण विभाग समस्याएं नहीं सुलझा रहे हैं।
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अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के नेहरु विहार इलाके की टूटी गलियां व जर्जर सड़कों से लोग परेशान हैं। जगह-जगह गलियों में नालियां ओवरफ्लो हैं। इससे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। बड़ी आबादी तमाम तरह की जनसमस्याओं से जूझ रही है। लोगों का कहना है कि साफ पेयजल के लिए भी मोहताज हो गए हैं। पार्कों में अव्यवस्था का अंबार है। चारों ओर गंदगी फैली हुई है। बेसहारा पशुओं का झुंड लगा रहता है।
स्थानीय निवासियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बात की। लोगों ने बताया कि नेहरू विहार में करीब तीन हजार से अधिक घर हैं। यहां 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। महिलाओं ने कहा कि उनके लिए सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट खराब हैं। इससे रात में कहीं भी जाने से डर लगता है। यहां अलग-अलग राज्यों से पढ़ने के लिए बच्चे आते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। बुजुर्गों व युवाओं ने कहा कि पार्कों की हालत बदतर है।
इससे वे सैर नहीं कर पाते हैं। वे इस मामले में नगर निगम से लेकर लोक निर्माण विभाग के पास चक्कर लगाकर थक गए हैं, लेकिन समस्याओं को सुलझाने वाला कोई नहीं है। निवासी रेखा ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो होने से गलियों में नालियों का पानी भर रहा है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। महिलाओं सुरक्षा का भी यहां बड़ा सवाल है। पार्कों में खुले तौर पर असामाजिक तत्वों का बोलबाला है।
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10-12 साल से इलाके की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सड़कें टूटी होने से कई बार रिक्शा, दोपहिया वाहन पलट जाते हैं। शासन-प्रशासन से यही गुहार है कि यहां की समस्याओं को दूर किया जाए। -राजीव सहगल, महासचिव, ऑल नेहरु विहार आरडब्ल्यूए
चालीस साल से यहां हूं। नालियों की साफ-सफाई नहीं हो रही है। बारिश में सड़कें जर्जर हो गई हैं। स्कूली बच्चे जाते हैं तो उन्हें आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपनी समस्याओं को लेकर सबके पास गए, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। -निशान सिंह, प्रधान, ऑल नेहरु विहार आरडब्ल्यूए
यहां अलग-अलग राज्यों से पढ़ने के लिए छात्र आते हैं। यही लोग आगे जाकर अधिकारी बनते हैं, लेकिन उन्हें जब कोई सुविधा नहीं मिलेगी तो वह कैसे ठीक से पढ़ेंगे। यहां की गलियों और सड़कों की जल्द मरम्मत होनी चाहिए।
-सतीश शर्मा, प्रधान, डी-ब्लॉक, नेहरु विहार आरडब्ल्यूए
पेड़ों के तने घरों तक पहुंच गए हैं, लेकिन कोई छंटाई नहीं कर रहा है। महिला सुरक्षा के लिए यहां कुछ नहीं है। हर वक्त मन में डर बना रहता है। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस को कुछ करना चाहिए। -पूजा, निवासी
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स्थानीय निवासियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बात की। लोगों ने बताया कि नेहरू विहार में करीब तीन हजार से अधिक घर हैं। यहां 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। महिलाओं ने कहा कि उनके लिए सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट खराब हैं। इससे रात में कहीं भी जाने से डर लगता है। यहां अलग-अलग राज्यों से पढ़ने के लिए बच्चे आते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। बुजुर्गों व युवाओं ने कहा कि पार्कों की हालत बदतर है।
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इससे वे सैर नहीं कर पाते हैं। वे इस मामले में नगर निगम से लेकर लोक निर्माण विभाग के पास चक्कर लगाकर थक गए हैं, लेकिन समस्याओं को सुलझाने वाला कोई नहीं है। निवासी रेखा ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो होने से गलियों में नालियों का पानी भर रहा है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। महिलाओं सुरक्षा का भी यहां बड़ा सवाल है। पार्कों में खुले तौर पर असामाजिक तत्वों का बोलबाला है।
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10-12 साल से इलाके की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सड़कें टूटी होने से कई बार रिक्शा, दोपहिया वाहन पलट जाते हैं। शासन-प्रशासन से यही गुहार है कि यहां की समस्याओं को दूर किया जाए। -राजीव सहगल, महासचिव, ऑल नेहरु विहार आरडब्ल्यूए
चालीस साल से यहां हूं। नालियों की साफ-सफाई नहीं हो रही है। बारिश में सड़कें जर्जर हो गई हैं। स्कूली बच्चे जाते हैं तो उन्हें आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपनी समस्याओं को लेकर सबके पास गए, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। -निशान सिंह, प्रधान, ऑल नेहरु विहार आरडब्ल्यूए
यहां अलग-अलग राज्यों से पढ़ने के लिए छात्र आते हैं। यही लोग आगे जाकर अधिकारी बनते हैं, लेकिन उन्हें जब कोई सुविधा नहीं मिलेगी तो वह कैसे ठीक से पढ़ेंगे। यहां की गलियों और सड़कों की जल्द मरम्मत होनी चाहिए।
-सतीश शर्मा, प्रधान, डी-ब्लॉक, नेहरु विहार आरडब्ल्यूए
पेड़ों के तने घरों तक पहुंच गए हैं, लेकिन कोई छंटाई नहीं कर रहा है। महिला सुरक्षा के लिए यहां कुछ नहीं है। हर वक्त मन में डर बना रहता है। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस को कुछ करना चाहिए। -पूजा, निवासी