सामने आया केजरीवाल सरकार का बड़ा झूठ, कांग्रेस ने किया खुलासा
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आप ने उच्च न्यायालय के सामने झूठ बोला था कि उनको चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखने का समय नही दिया गया। चुनाव आयोग ने 11 बार इस मामले की सुनवाई की है और आप के सभी 20 विधायकों को अपना-अपना पक्ष रखने का अवसर दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने चुनाव आयोग में हुई सुनवाई की तारीखों को भी गिनवाया। माकन ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी का यह दावा कि उनके विधायकों ने लाभ के पद का इस्तेमाल नहीं किया यह भी झूठा है।
माकन ने कहा कि दिल्ली के मुख्य सचिव के चुनाव आयोग में इस मामले में दिए गए जवाब से साबित होता है कि लाभ लिया गया। मुख्य सचिव के जवाब में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि 21 संसदीय सचिवों के फर्नीचर के लिए कुल 13,26,300 रुपये मंजूर हुए थे।
इन संसदीय सचिवों को 21 कार्यकारी टेबल, 21 कार्यकारी कुर्सी व 136 विजिटर कुर्सी के लिए 11,75,828 रुपये खर्च किए गए थे। माकन ने चुनाव आयोग से भी सवाल पूछा कि मुख्य चुनाव आयोग व आम आदमी पार्टी में क्या समझौता हुआ था, जिसके चलते चुनाव आयोग ने 20 विधायकों के लाभ के पद को लेकर चल रहे मामले में अपना निर्णय 22 दिसंबर 2017 से पहले नहीं दिया।
जब चुनाव आयोग ने दिल्ली की 3 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी। उन्होंने इस मामले में भाजपा को भी आड़े हाथ लिया। कहा कि भाजपा सरकार द्वारा मनोनीत चुनाव आयोग और आप के बीच में भी खिचड़ी पक रही है।
चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को एक महीने का समय इसलिए दिया था ताकि उनके तीन राज्यसभा के उम्मीदवारों के चुनाव आसानी से हो सके।
क्योंकि उनके तीन उम्मीदवारों में से एक एनडी गुप्ता भी थे जो कि केन्द्रीय वित मंत्री अरुण जेटली के नजदीकी माने जाते हैं। चुनाव आयोग ने भाजपा के कहने पर ही आप के 20 विधायकों को लाभ के पद पर आयोग्य ठहराने के मामले को राज्यसभा चुनाव के बाद राष्ट्रपति को भेजा ताकि राज्य सभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को टूटने से बचाया जा सके।